रायबरेली। वेतन न मिलने से परेशान स्कूली बसों के चालक और परिचालकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा और वेतन दिलाए जाने की मांग की।
चालकों-परिचालकों का कहना है कि इस समय भी बसों को लेकर वे लोग दौड़ रहे हैं, फिर भी वेतन नहीं दिया जा रहा है। फरियाद लेकर पहुंचे देवबहादुर सिंह, अरविंद, मो. जुबैर, रमेश यादव, रामबाबू, पवन कुमार, मो. खालिद, दीपक, मो. नसीम, रमेश भारती, अनवर, रशीद, शिव बहादुर, हाशिम, रमाकांत, राजीव, अश्विनी, राम जियावन, रामगोपाल, अजय कुमार, संदीप, कन्हैया, शिव कुमार आदि चालकों और परिचालकों ने कहा कि वे सभी रायन इंटरनेशनल स्कूल में पिछले 15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
मार्च महीने के बाद से उन्हें वेतन नहीं दिया गया है, जिससे जीवन यापन में परेशानी हो रही है। वेतन मांगने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती है, जिससे सभी लोग मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। स्कूली बसों को परिवहन विभाग की ओर से ड्यूटी पर भी लगाया गया, जिससे वे लोग लगातार बसें चला रहे हैं। उधर रायन इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल बिनीश का कहना है कि बसों के परिचालन के लिए कांट्रैक्टर जिम्मेदार है। चालकों-परिचालकों की समस्या को लेकर वह कांट्रैक्टर से बात करेंगे।