रायबरेली। दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए कोर्स फीस और सीटों का डाटा ऑनलाइन करने में जिले के 14 कॉलेज रह गए हैं। 30 अगस्त तक डाटा ऑनलाइन न हो पाने के कारण संबंधित कॉलेजों के करीब 2500 छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
जब तक मास्टर डाटा ऑनलाइन नहीं होगा, तब तक बच्चे छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। मामले में समाज कल्याण अधिकारी ने कॉलेजों को चेतावनी पत्र जारी कर योजना का लाभ छात्र-छात्राओं को न मिलने की दशा में कॉलेजों को जिम्मेदार ठहराया है।
समाज कल्याण विभाग के पटल सहायक आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए जिले में 120 डिग्री संस्थाओं को कोर्स फीस और सीटों का मास्टर डाटा ऑनलाइन करना था। इसके लिए अंतिम तारीख 30 अगस्त तय की गई थी।
तय तारीख तक 14 संस्थानों का डाटा ऑनलाइन नहीं हो सका है। ऐसे में इन कॉलेजों के छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से मास्टर डाटा ऑनलाइन करने की तारीख न बढ़ाई गई तो इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं को ही भोगना पड़ेगा। इसके लिए कॉलेज ही जिम्मेदार होंगे। समाज कल्याण अधिकारी की ओर से इस संबंध में कॉलेजों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है।
जिले के ये 14 कॉलेज रह गए सबसे पीछे
जिले के आदर्श महाविद्यालय मुराईबाग डलमऊ, आर्यकुल कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ऊंचाहार, जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च, काशी ब्राइट एंजेल डिग्री कॉलेज बेहटाकला, कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायो मेडिकल साइंस, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालॉजी, राघुराजा रामगोपल इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन सेमरी चौराहा, रघुवीर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस, सरदार पटेल महादेव प्रसाद महाविद्यालय, सर्व हितकर्णी संस्कृत महाविद्यालय, श्री राधाकृष्ण संस्कृत महाविद्यालय डलमऊ टाउन, टिकैत हरिबख्श शिवगुलाम सिंह महाविद्यालय व विश्वनाथ सिंह संस्कृत महाविद्यालय ने मास्टर डाटा ऑनलाइन नहीं किया है।