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102 एंबुलेंस में घोटाला : जांच में 9,276 केस मिले फर्जी

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रायबरेली में सोमवार को शिवगढ़ ब्लॉक के ढेकवा गांव में ब्लड के स्लाइड बनाती स्वास्थ्य विभाग की टी? - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जिले में डेंगू व अन्य संक्रामक रोगों का कहर बढ़ गया है। पीलिया की चपेट में आई बच्ची को केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराया गया। जांच में बालिका की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इलाज के दौरान बालिका ने लखनऊ में दम तोड़ दिया है। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। टीम ने गांव पहुंचकर परिवार के 12 सदस्यों के साथ ही 38 लोगों की जांच के लिए स्लाइड बनाई। लोगों की सेहत जांचने के साथ ही दवाओं का वितरण किया गया। दवा का छिड़काव किया गया है।
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शिवगढ़ क्षेत्र के ढेकवा गांव की बच्ची कामिनी (10) अपने ननिहाल गई थी। वहीं उसकी हालत खराब हो गई थी। परिवार के लोग उसे ननिहाल से ले आए और सीएचसी में चिकित्सकों से सलाह ली। हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन यहां से भी उसे केजीएमयू लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया। केजीएमयू में पीलिया के साथ ही बालिका डेंगू से ग्रसित में मिली। कई दिनों तक इलाज के बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी डीएस अस्थाना, पूजा गुप्ता, अखिलेश बहादुर सिंह, मनोज कुमार आदि लोगों की टीम गांव पहुंची और परिवार के 12 लोगों के साथ ही 38 लोगों की जांच के लिए स्लाइड तैयार की। सभी लोगों की सेहत जांचने के साथ ही दवा का वितरण किया गया। एंटी लार्वा का गांव में छिड़काव किया गया है। प्रभारी मलेरिया अधिकारी का कहना है कि गांव में सभी लोगों की सेहत ठीक मिली। एहतियातन दवा का वितरण किया गया है। जांच के लिए स्लाइड भी बनाई गई है।
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डेंगू के लक्षण
आमतौर पर बच्चों में डेंगू के लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते, क्योंकि वे सामान्य बुखार के जैसे ही होते हैं। वे बीमारी की गंभीरता पर भी निर्भर करते हैं। एडीज मच्छर द्वारा काटे जाने के चार दिनों से लेकर दो सप्ताह के बीच कभी भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। तेज सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मिचली, ग्रंथियों में सूजन, जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते होना, गंभीर लक्षणों में मसूढ़ों से खून आना, खून की उल्टी होना, तेज-तेज सांस आना और शरीर टूटना, बेचैनी आदि है।
बचाव के उपाय
चूंकि डेंगू उपचार की कोई विशिष्ट प्रक्रिया नहीं है, इसलिए रोकथाम जरूरी है। मच्छरजनित रोगों में बुखार कॉमन है। सभी लोग मच्छरों से बचने का प्रयास करें। घर में स्वच्छता रखें। कहीं भी पानी जमा न होने दें। बच्चे जब भी घर से बाहर जाएं तो उन्हें लंबी आस्तीन वाली शर्ट और फुल पैंट पहनाकर ही बाहर भेजें। दो दिनों से अधिक समय से लगातार बुखार है तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
जांच के लिए गांव भेजी गई है टीम
डेंगू की चपेट में आई बच्ची की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हुई है। सूचना पर गांव टीम भेजकर परिवार के साथ ही आसपास के लोगों की सेहत की जांच कराई गई है। जांच के लिए ब्लड की स्लाइड भी बनवाई गई है। दवा का छिड़काव भी कराया गया है।-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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