रायबरेली। प्रधानमंत्री सम्मान किसान योजना के सत्यापन का काम शुरू होते ही इसमें गड़बड़ियां सामने आन लगीं हैं। अब तक की जांच में करीब 550 किसान ऐसे मिले हैं, जिनकी मृत्यु होने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ मिलता रहा। इनके खातों में सम्मान निधि के दो-दो हजार रुपये भेजे गये। अब इनके नाम सूची से बाहर किए जा रहे हैं। यह संख्या आगे और भी बढ़ सकती है क्योंकि सत्यापन का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।
इस बीच पहली किस्त मिलने के बाद 15 हजार से अधिक किसानों की दूसरी किस्त कट गई। सम्मान के लिए पात्र न होने व अन्य खामियों के कारण लगातार किस्त पाने वाले किसानों की संख्या घटी है। जिले में अब तक 3,98,132 किसानों को पहली किस्त के रूप में दो-दो हजार रुपये मिले, लेकिन छठी किस्त अब तक मात्र 1,15,726 किसानों को ही मिल सकी है। 2,82,406 किसानों को योजना का लाभ सत्यापन का काम पूरा होने के बाद ही मिलेगा।
केंद्र सरकार ने किसानों को हर साल छह-छह हजार रुपये किसान सम्मान निधि के रूप में देने का काम शुरू किया है। एक साल में दो-दो हजार की तीन किस्तें किसानों को मिलनी है। तमाम जिलों में गड़बड़ियां पकड़ में आने के बाद शासन की मंशा पर सत्यापन का काम शुरू किया गया तो अपात्र पाए गए किसानों की निधि बंद कर दी गई है। जिले में 3,98,132 किसानों को पहली किस्त दी गई थी। सत्यापन के बाद इसमें 15,409 किसानों को आउट कर दिया गया।
दूसरी किस्त 3,83,423 को दी गई। इसके बाद सत्यापन में खामियां मिलने पर 19,082 और किसान कम हो गए और तीसरी किस्त 3,64,341 किसानों को दी गई। इसके बाद सत्यापन की चपेट में 56,941 किसान आए और चौथी किस्त 3,07,400 किसानों को मिली। इसी प्रकार पांचवीं किस्त 2,56,259 और छठी किस्त मात्र 1,15,726 किसानों को मिली है। सत्यापन में खामियां मिलने पर 2,82,406 किसानों की अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। सत्यापन का काम अभी चल रहा है।