फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raebareli News: सलोन का पक्षी विहार विदेशी परिंदों से गुलजार

विज्ञापन
सलोन तहसील क्षेत्र के समसपुर पक्षी बिहार की झील में अटखेलिया करते पक्षी।
विज्ञापन
सलोन (रायबरेली)। समसपुर पक्षी विहार इन दिनों विदेशी परिंदों से गुलजार हैं। सुबह-शाम झील के ऊपर उड़ते और स्थिर जल में अठखेलियां करते प्रवासी पक्षी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। जनवरी और फरवरी में झील का सौंदर्य अपने चरम पर रहता है। वन विभाग के अनुसार इस बार प्रवासी पक्षियों की औपचारिक गणना होगी, जिसके लिए विशेष टीम का गठन करने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन



छह प्रमुख झीलों पर बढ़ी रौनक
तहसील की हाकगंज, गोडवा हसनपुर, विसइया, ममुनी, रोहिनियां और समसपुर झील विदेशी परिंदों की पसंद है। ठंड के दस्तक देते ही ये झीलें विदेशी मेहमानों से भरने लगती हैं। 60 दिन तक यहां इनका प्रवास रहता है। हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर यह पक्षी यहां पहुंचते हैं।

यहां श्रीलंका, पाकिस्तान, तुर्किस्तान, बांग्लादेश, यूरोप और अफगानिस्तान जैसे देशों से पक्षी आते हैं। इनमें कुछ पक्षी यहां पहुंचने के लिए 5000 किमी का सफर तय करते हैं। इनकी उड़ान और समूह में भ्रमण का दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है।
विज्ञापन




विदेशों से आते हैं यह पक्षी

स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दृष्टि से समसपुर पक्षी विहार 1987 में घोषित किया गया था। हर साल नवंबर से प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है और जनवरी में यह विहार अपने सबसे सुंदर रूप में होता है। यहां प्रवासी परिंदों की अनेक प्रजातियां देखने को मिलती हैं, जिनमें प्रमुख हैं। यहां दिखने वाले परिंदों में ग्रेलैग गूज, बार-हेडेड गूज, पिनटेल, कॉमन टील, गार्गनी टील, रेड क्रेस्टेड पोचर्ड, टफ्टेड पोचर्ड, कॉमन कूट, रूडी शेलडक आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।


वर्ष भर रहते हैं यह देसीस प्रजाति के पक्षी
स्पून बिल, ब्लैक आइबिस, डार्टर, स्पॉटबिल डक, कॉम्ब डक, मोर, तोता, बुलबुल, कोयल, हुदहुद जैसे पक्षी भी इसी झील के आसपास ही रहते हैं। झील में सूया, डेडला, मांगुर, सिंधरी, नैन प्रजातियों की मछलियां रहती हैं। झील के आसपास वन्य जीवों में नेवला, गीदड़, खरगोश, नीलगाय, गिलहरी, सिवेट, कछुआ, अजगर व विभिन्न प्रजातियों के सर्प रहते हैं।


वन रेंजर प्रियंका पटेल ने बताया कि कड़ाके की ठंड के साथ विदेशी प्रवासी पक्षियों का आगमन तेजी हो रहा है। पक्षियाें की गणना के लिए टीम गठन की प्रक्रिया चल रही है। गणना के बाद यह पता चलेगा कि किन प्रजातियों के पक्षी बढ़े हैं। संख्या पहले से कम है या बढ़ी है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें