बच्चों को भोजन उपलब्ध नहीं करा पाना नौ स्कूलों के प्रधानाचार्यों और लिपिकों को भारी पड़ गया। डीआईओएस ने लापरवाही बरतने पर सभी प्रधानाचार्यों और लिपिकों का वेतन रोक दिया हैं। डीआईओएस ने एमडीएम संचालन को लेकर प्रतिदिन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से रिपोर्ट भी मांगी है।
जिले के 52 माध्यमिक स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन हो रहा है। इन स्कूलों में बच्चों को एमडीएम को लेकर समीक्षा की गई। इसमें कई स्कूलों पर पंजीकृत कक्षा छह से आठ तक के छात्रों को एमडीएम नहीं दिया जाना मिला। इसे लेकर डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर मध्याह्न भोजन योजना चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद भी नौ माध्यमिक विद्यालयों में एमडीएम योजना को लेकर कोई भी पहल नहीं की गई। इस पर डीआईओएस ने इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों और लिपिकों का वेतन रोक दिया है। इसमें गणेश इंटर कॉलेज ऐहार, चंद्रपाल इंटर कॉलेज गंगागंज, इंटर कॉलेज बाजपेयीपुर, एनआईसी, इंटर कॉलेज पूरे भैरोमिश्र, राणा जितेंद्र सिंह अटरा, कान्ह शिक्षा निकेतन करहिया बाजार, गोविंद सिंह इंटर कॉलेज रौतापुर, जनता विद्यालय इंटर कॉलेज पूरे पांडेय शामिल है।
माध्यमिक स्कूलों में निर्देशों के बाद भी एमडीएम योजना के संचालन में नौ स्कूलों के प्रधानाचार्य व लिपिक की लापरवाही सामने आई है। ऐसे में प्रधानाचार्यों व लिपिकों का वेतन अवरुद्ध कर स्थितियों में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।- डॉ. विनय मोहन वन, डीआईओएस