रायबरेली। शासन की प्राथमिकता में शामिल सामुदायिक प्रसाधनों का निर्माण मनमानी की भेंट चढ़ गया है। कहीं निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है तो कहीं समय से निर्माण कार्य आरंभ नहीं कराया जा रहा है। खराब प्रगति पर डीपीआरओ ने सात ब्लॉकों के एडीओ (पंचायत) का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है। तीन दिन में प्रगति में सुधार न लाने पर अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शासन से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कम से कम एक-एक सामुदायिक प्रसाधन के निर्माण के आदेश दिए गए हैं। आदेश के बाद भी जिले में निर्माण की प्रगति बेहद खराब है। अब तक 200 गांवों में भी काम पूरा नहीं हो सका है। तमाम गांवों में निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। ब्लॉक के अधिकारियों की लापरवाही के कारण पंचायतों में निर्माण का काम भी शुरू नहीं कराया गया है।
समीक्षा में सबसे खराब प्रगति मिलने पर डीपीआरओ ने सतांव, दीनशाह गौरा, रोहनियां, ऊंचाहार, सरेनी, राही और अमावां के एडीओ का वेतन रोक दिया है। डीपीआरओ उपेंद्रराज सिंह ने बताया कि एडीओ का वेतन रोककर तीन दिन में प्रगति लाने के आदेश दिए गए हैं। प्रगति न सुधरने पर अन्य कार्रवाई की जाएगी।