रायबरेली। कोरोना के कहर के कारण प्रभावित टीकाकरण को शत प्रतिशत पूरा कराने में सीएचसी अधीक्षक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। टीकों से वंचित एक साल तक के बच्चों की सूचना उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे, लेकिन सलोन, हरचंदपुर, डीह और नगर क्षेत्र के अस्पतालों के अलावा किसी ने भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसी स्थिति में स्टेट को रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने 200 एएनएम और 15 सीएचसी अधीक्षकों समेत 245 स्वास्थ्यकर्मियों को वेतन रोक दिया है। साथ ही सभी को जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। कोरोना के कारण जिले में बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हो गया था। टीकों से वंचित बच्चों में शत प्रतिशत टीके लगवाने के लिए शासन की मंशा पर विशेष टीकाकरण अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
इसके लिए इस साल अब तक जन्में बच्चों और टीकों से वंचित बच्चों की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है, लेकिन मनमाने अधीक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अब तक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के सलोन, हरचंदपुर, डीह और नगर क्षेत्र की रिपोर्ट ही सीएमओ को मिल सकी है। रिपोर्ट न देने पर जगतपुर, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज, बछरावां, अमावां, सरेनी, शिवगढ़, जतुआ-टप्पा, नसीराबाद, दीनशाह गौरा, रोहनियां सहित 15 सीएचसी अधीक्षकों का अक्तूबर महीने का वेतन रोक दिया गया है। इसके अलावा इन सीएचसी क्षेत्र में काम करने वाली करीब 200 एएनएम के अलावा सभी 15 सीएचसी के बीपीएम, बीसीपीएम का वेतन भी रोक दिया गया है। सभी को जवाब देने के साथ ही रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।