रायबरेली। बछरावां ब्लॉक सभागार में चल रही मिशन प्रेरणा उन्मुखीकरण कार्यशाला से अनुपस्थित रहने वाली 10 सहायक अध्यापिकाओं के खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। कार्यशाला का शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने निरीक्षण किया तो इन शिक्षिकाओं को अनुपस्थित पाया।
बीएसए ने गैरहाजिर रहने वाली शिक्षिकाओं से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी बछरावां की अध्यक्षता में आयोजित मिशन प्रेरणा उन्मुखीकरण कार्यशाला का निरीक्षण बीएसए ने किया। इस दौरान बछरावां विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अमावां की सहायक अध्यापिका प्रतिमा सिंह, प्राथमिक विद्यालय चक की सहायक अध्यापिकाएं ऋचा सिंह एवं पूजा हांडा, प्राथमिक विद्यालय इसिया की सहायक अध्यापिका अल्पना सिंह, प्राथमिक विद्यालय पीठन की सहायक अध्यापिकाएं नीता एवं ज्योति, प्राथमिक विद्यालय कुटी की सहायक अध्यापिका ऊषा सिंह, प्राथमिक विद्यालय राजामऊ की सहायक अध्यापिका प्रीती यादव, प्राथमिक विद्यालय जियालाल खेड़ा की सहायक अध्यापिका सुरभि पांडेय, कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुदौली की सहायक अध्यापिका प्रीती सक्सेना अनुपस्थित पाई गई।
बीएसए ने बताया कि इस तरह गैरहाजिर रहना कार्य एवं दायित्वों के प्रति उदासीनता को प्रदर्शित करता है। इसीलिए इन सभी का वेत अग्रिम आदेशों तक के लिए बाधित कर दिया गया है।
खीरों विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मलपुर की प्रधानाध्यापिका अमिता देवी का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए बाधित कर दिया गया है। उन पर कार्यों के प्रति गंभीरता न दिखाए जाने का आरोप है।
बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि जिला समन्वयक (सिविल) ने 30 जून को प्राथमिक विद्यालय मलपुर का निरीक्षण किया था। उन्होंने अपनी निरीक्षण आख्या में बताया कि विद्यालय का भवन अत्यंत जर्जर होने के कारण स्कूल दो कक्षा कक्षों में संचालित है।
कई बार निर्देश देने के बाद भी मिशन कायाकल्प के तहत कराए जाने वाले कार्य पूरे नहीं कराए गए हैं। इससे यह प्रदर्शित होता है कि शासन और विभाग के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। बीएसए ने हेडमास्टर का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही मिशन कायाकल्प के तहत कराए जाने वाले कार्य शीघ्र पूरा करने के आदेश भी दिए हैं।