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Raebareli News: लेफ्टिनेंट की ट्रेनिंग पूरी कर गांव पहुंचीं साक्षी

Wed, 11 Mar 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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खीरों ब्लाॅक क्षेत्र के हरीपुर निहस्था गांव में बेटी लेफ्टिनेंट साक्षी सिंह का स्वागत करती मां
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रायबरेली। खीरों ब्लॉक के हरीपुर निहस्था गांव में मंगलवार का दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। गांव की होनहार बेटी साक्षी सिंह सेना में लेफ्टिनेंट की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पहली बार गांव पहुंचीं। इस दौरान परिवार के साथ ही ग्रामीणों व सेवानिवृत्त सीआरपीएफ जवानों ने बेटी का स्वागत किया। दरवाजे पर पहुंचते ही परिवार के लोगों को देखकर लेफ्टिनेंट साक्षी सिंह की आखों में खुशी के आंसू निकल आए। वहीं गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
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साक्षी सिंह के घर पहुंचते ही मां प्रभा सिंह, पिता सर्वेश सिंह व अन्य परिवारीजनों ने बेटी को पुष्पमाला पहना कर जोरदार स्वागत किया। वहीं माता-पिता व भाई ने केक काटकर उन्हें मिठाई खिलाई। इससे पूर्व दोपहर करीब 12 बजे जब साक्षी सिंह सेवानिवृत्त सीआरपीएफ टीम के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह की टीम के साथ निहस्था गांव पहुंची। इस दौरान उनका जोरदार स्वागत किया गया तथा सड़क से घर तक रोड शो निकाला गया। इस मौके पर दिनेश सिंह, केपी सिंह, मनारे सिंह, मनबोध सिंह, शशिकांत त्रिवेदी, जितेंद्र पाल, अजय यादव, शैलेन्द्र कुमार, अशोक कुमार, नरेंद्र मौर्य, रोहित कुमार, दिलीप कुमार, आलोक सिंह, आरपी सिंह, जेपी यादव, दान बहादुर सिंह मौजूद रहे।

लेफ्टिनेंट साक्षी सिंह के पिता सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर सर्वेश सिंह अपने समय के बेहतरीन वॉलीबॉल खिलाड़ी रहे हैं। जबकि माता प्रभा सिंह स्नातक होने के बाद भी गृहिणी हैं। छोटा भाई अनुभव सिंह पढ़ाई के साथ ही सरकारी सर्विस की तैयारी कर रहा है। साक्षी सिंह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व छोटे भाई को देती हैं ।
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इनसेट
अफसर अकादमी गया बिहार में की ट्रेनिंग
11 मई 2024 को आए एसएसबी टेक इंट्रा परीक्षा में 11 वीं रैंक हासिल करने करने वाली लेफ्टिनेंट साक्षी सिंह ने 28 सितंबर 2024 से 7 मार्च 2026 तक अफसर अकादमी गया बिहार में ट्रेनिंग की। बताया कि उनके अंदर शुरू से ही देश भावना थी जिसके कारण वह सेना में गई हैं। ट्रेनिंग ने उन्हें बहुत मजबूत किया है। बताया कि उनके पापा और मम्मी के सहयोग से वह इस मुकाम तक पहुंच सकी हैं। साक्षी सिंह का कहना है कि बेटियों को पढ़ना जरूर चाहिए और अपनी राह खुद तय करनी चाहिए।
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