रायबरेली। लगातार हो रही बारिश से उन्नाव से आ रही सई नदी में उफान आ गया है। शहर में शहीद स्मारक स्थल के पास बने पुराने पुल के पिलर से छह फीट नीचे से पानी बह रहा है। नदी का बहाव तेज होने से धोबी घाट को समेट दिया गया है। साथ ही अमोल विहार की तरफ से सई नदी होकर शहीद स्मारक जाने वाला कट गया है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांवों तक पानी पहुंच गया है। जिले के साथ ही उन्नाव में भी तेज बारिश जारी है। इस कारण सई नदी में उफान आ गया है। शहीद स्मारक स्थल पर बने पुराने पुल पर आकर लोग सई नदी के जलस्तर को देखने आ रहे हैं। आशंका जाहिर की जा रही है कि यदि इसी तरह बहाव रहा तो पानी फुल के ऊपर से बहने लगेगा। उधर नदी की दाईं तरफ जलकुंभी भरी हुई है, जिससे पुल को खतरा उत्पन्न हो गया है। नदी का पानी शहीद स्मारक के पार्क में भी भर गया है। पैदल आवागमन करने वाले लोग अभी भी शॉर्ट कट के लिए पानी से होकर जा रहे हैं। उधर सई नदी का जलस्तर बढ़ने से डीह क्षेत्र के बघौला, पूरे बरगद, रायपुर महेवा, सराय माणिक, घिसीगृह और सेमरी झाकरासी सहित लगभग एक दर्जन गांव सबसे अधिक प्रभावित हैं
इनसेट
डायवर्जन काटे जाने से दो दर्जन गांवों का संपर्क टूटा
खीरों। ब्लॉक में निर्माणाधीन बसहा नाला पुल के अस्थायी डायवर्जन में पानी निकासी की व्यवस्था न होने से पाहो, बनपुरवा और उन्नाव के जयसिंह खेड़ा सहित कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गईं। किसानों की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी से डायवर्जन काटकर पानी निकाला। इससे करीब दो दर्जन गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। ऐसे में ग्रामीणों को ब्लॉक व जिला मुख्यालय जाने के लिए पांच किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। करीब एक हजार स्कूली बच्चों का रास्ता बाधित हुआ है। कुछ बच्चों ने विद्यालय जाना भी बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने डायवर्जन पर ह्यूम पाइप डालकर स्थायी निकासी व्यवस्था की मांग की है। अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी धीरज कुमार ने बताया कि पानी निकलते ही शीघ्र ह्यूम पाइप डालकर पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी और आवागमन बहाल कराया जाएगा।
रायबरेली में शहीद स्मारक परिसर में सई के पहुंचे पानी से होकर इस तरह निकलते लोग।
रायबरेली में शहीद स्मारक परिसर में सई के पहुंचे पानी से होकर इस तरह निकलते लोग।
रायबरेली में शहीद स्मारक परिसर में सई के पहुंचे पानी से होकर इस तरह निकलते लोग।
रायबरेली में शहीद स्मारक परिसर में सई के पहुंचे पानी से होकर इस तरह निकलते लोग।