रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर सई नदी पुल मरम्मत के बाद आवागमन के तैयार हो गया हैं। इससे लाखों लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिल जाएगी। 06 नवंबर से पहले छोटे वाहनों को निकालने की अनुमति दी गई है, जबकि भारी वाहनों को अभी रोका गया है। बड़े वाहनों को निकालने के लिए अनुमति प्रशासन से मांगी गई है। 09 नवंबर की सुबह से बड़े वाहन भी हाईवे पर फर्राटा भरेंगे। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि सई नदी पुल से मामा चौराहे तक एप्रोच (पटरी चौड़ीकरण) का काम शेष रह गया है। दो दिन में उसे पूरा कर लिया जाएगा। ताकि शहर में जाम की समस्या से भी राहत मिल सके।
लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर शहर से सटे सई नदी पुल की मरम्मत के लिए 20 अक्तूबर को यातायात रोक दिया गया। इससे भारी वाहनों को बछरावां, लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार होकर निकाला गया, जबकि छोटे वाहन सिविल लाइन से रिंग रोड होते निकल रहे थे। इस डायवर्जन से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा रहा। सई पुल के निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। वन विभाग की ओर दो दिन काम बंद करा दिए जाने से एप्रोच का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। अफसरों का कहना है कि पूरा ट्रैफिक एक साथ छोड़ने से काम कराना संभव नहीं हो पाएगा। इस वजह से 06 नवंबर की सुबह आठ बजे छोटे और दो पहिया वाहनों को आने-जाने की अनुमति दे दी गई है। भारी वाहनों के आवागमन के लिए 09 नवंबर की सुबह से अनुमति दे दी जाएगी।
सई पुल की रूटीन मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। मामा चौराहे से मुंशीगंज बाईपास तक हाईवे की मरम्मत भी करा दी गई है। सई पुल से मामा चौराहे के बीच चौड़ीकरण का कुछ कार्य रह गया है। उसी को पूरा कराना है। इसके लिए भारी वाहनों को रोका गया है। 06 नवंबर से छोटे वाहन आ-जा सकेंगे। 09 नवंबर की सुबह से पूरी तरह से हाईवे से आवागमन बहाल करा दिया जाएगा। -डॉ. आरवी सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई रायबरेली