रायबरेली। सड़कों पर लोगों की जिंदगी की सलामती के लिए पुलिस ने जिले के लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग, रायबरेली-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, रायबरेली-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग, रायबरेली जौनपुर-राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य मार्गों पर 47 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं।
ये वो स्थान हैं जहां अक्सर हादसे होते हैं और लोग जान गंवाते रहते हैं। चिह्नित ब्लैक स्पॉट में संबंधित क्षेत्रों के सीओ के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है। यह पुलिस टीमें चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर पहुंचकर पता लगाएंगी कि आखिर संबंधित स्थान पर हादसों की वजह क्या है।
यह खाका तैयार करने के बाद पुलिस अधीक्षक श्लोक कुुमार के साथ बैठक करके उस खामी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, जिसकी वजह से हादसे होते हैं। जिले में साल-दर-साल मरने वालों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है।
पुलिस आंकड़ों पर नजर डालें तो दो साल में 665 लोगों की मौतें हुुई, जबकि 652 लोग घायल हुए। जिले के सभी थानों पर इन दो सालों में 1034 सड़क दुर्घटनाओं के मामले दर्ज किए गए। ऐसे में पुलिस विभाग की तरफ से हादसों को कम करने के लिए इस व्यवस्था को अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी शुरू की गई है।
ब्लैक स्पॉट पर टीमें जानने का प्रयास करेंगी कि उस स्थान पर सड़कें खस्ताहाल तो नहीं हैं। डिवाइडर बनाया गया है कि नहीं। स्पीड ब्रेकर है कि नहीं। चेतावनी बिंदु लगवाए गए हैं कि नहीं। यह सभी चीजें नहीं हैं तो वहां पर इन खामियों को दूर किया जाएगा।
इन स्थानों पर संबंधित क्षेत्र के थानेदार के अलावा पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मोबाइल नंबर अंकित कराए जाएंगे। जिससे कि कोई हादसा होने पर पीड़ित मदद के लिए किसी को बुला सकें।
जिले में बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय हैं। इसे देखते हुए जिले के हाईवे समेत अन्य मार्गों पर 47 ब्लॉक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। यह ऐसे स्थान हैं, जहां पर अक्सर हादसे होते हैं और लोगों की जान जाती है। विभागीय टीमें इन स्थानों पर जाकर हादसों की वजह तलाशेंगी और फिर उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगी। विभाग का मकसद है कि हादसे कम हों और लोगों की जिंदगी सुरक्षित रहे।- विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक