पावर कॉर्पोरेशन की ध्वस्त विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर सोमवार को उपभोक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। रात भर बिजली न मिलने से नाराज महिलाओं और नागरिकों ने इंदिरा नगर विद्युत उपकेंद्र में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की।
कुर्सियां पलट दीं, शीशे तोड़े और दस्तावेज फाड़ डाले। मारपीट की नौबत आई तो कर्मचारी पिछले दरवाजे से जान बचाकर भाग गए। इतना ही नहीं उपकेंद्र के सभी फीडरों को बंद कर 20 हजार घरों की सप्लाई ठप कर दी। इस दौरान नागरिकों ने जेई और अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की।
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली आपूर्ति व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। ओवरलोड व खस्ताहाल उपकरणों से विद्युत संयंत्र चल नहीं पा रहे हैं। रविवार की सुबह इंदिरानगर में लगा ट्रांसफार्मर जल गया था।
एक बार ट्रांसफार्मर बदला गया, दोबारा ट्रॉली वाला ट्रांसफार्मर लगाया गया, लेकिन दोनों ही नहीं चल सके। दिन भर बिजली का आना-जाना लगा रहा। रात में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप रही। सैकड़ों घरों में बिजली नहीं आई।
रात भर जागकर बिताने के बाद सोमवार की सुबह महिलाओं और नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह करीब 6:30 बजे लोग उपकेंद्र पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। उपभोक्ता मारपीट पर आमादा हो गए।
उनका गुस्सा देखकर कर्मचारी भाग गए। इससे गुस्साए लोगों ने बिजली घर में घुसकर तोड़फोड़ की। दस्तावेज फाड़ डाले। शीशे तोड़े और कुर्सियां पटककर इधर-उधर फेंक दीं।
यही नहीं सारे फीडरों की आपूर्ति ठप करके कंट्रोल रूम का दरवाजा बंदकर दिया। इस दौरान विभागीय अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्पोरेशन के एसडीओ पीके सिंह का कहना है कि तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।