रायबरेली। शहर के जेल रोड स्थित अवध हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। नाराज लोगों ने बृहस्पतिवार की सुबह अस्पताल के सामने शव रखकर सड़क जाम करने के साथ जमकर हंगामा काटा। आक्रोशित लोगों ने पत्थरबाजी करके अस्पताल के शीशे इत्यादि तोड़कर गेट पर ताला भी जड़ दिया। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी व सिटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नाराज लोगों को शांत कर स्थित को संभाला।
साथ ही मामले की जांच पूरी होने तक नर्सिंगहोम में संचालित सभी तरह की चिकित्सीय सेवाओं पर भी रोक लगा दी है। एसीएमओ की अध्यक्षता में गठित टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। भदोखर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर कुचरिया निवासी दीपक कुमार (22) पुत्र संतोष गुप्ता का इलाज अवध हॉस्पिटल में चल रहा था। बीती 14 दिसंबर को लखनऊ के एक चिकित्सक ने हॉस्पिटल में युवक की किडनी में पथरी का ऑपरेशन किया था।
परिजनों के अनुसार बुधवार को युवक की हालत बिगड़ गई तो सर्जरी करने वाले चिकित्सक को फोन किया गया, लेकिन चिकित्सक नहीं आए। उन्होंने युवक को मोहनलालगंज लखनऊ स्थित अपने अस्पताल बुलाया। गंभीर हालत में युवक को लखनऊ के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार सुबह परिवार के लोग शव लेकर अवध हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के गेट पर ताला जड़ने के साथ ही तोड़फोड़ कर अस्पताल के शीशे व अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हंगामा बढ़ने की सूचना के बाद पहुंचे सीओ सिटी अरुण कुमार नौवहार, सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाकर परिजनों का गुस्सा शांत कराया।
सीएमओ के आदेश पर एसीएमओ डॉ. अंबिका प्रकाश की टीम ने इलाज में लापरवाही बरते जाने के आरोपी की जांच शुरू कर दी है। जांच चलने तक अस्पताल क संचालन बंद रहेगा। सीओ अरुण कुमार ने बताया कि आगे की कार्रवाई तहरीर के आधार पर की जाएगी।