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बिना फॉग लाइट के दौड़ रहीं रोडवेज बसें

Sat, 03 Dec 2016 11:27 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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फर्राटा भर रही बिना फाॅग लाइट के रोडवेज बसें - फोटो : Amar Ujala
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चार दिन से घने कोहरे के चलते हादसों में भी इजाफा हो गया है। इसके बाद भी रोडवेज की सरकारी और अनुबंधित बसें बिना फॉग लाइट के ही चलाई जा रही हैं। ये हाल तब है जब रायबरेली डिपो से प्रतिदिन करीब 12 हजार मुसाफिर सफर करते हैं।
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अब तक जिले में कोहरे के चलते तकरीबन आधा दर्जन हादसे हो चुके हैं। इसमें लगभग पांच दर्जन लोग जख्मी हो चुके हैं। इसके बावजूद अफसर इन हादसों से कोई सबक नहीं ले रहे हैं। 
मालूम हो कि रायबरेली डिपो में 147 बसों का बेड़ा है। इनमें से 73 सरकारी और 74 बसें अनुबंधित हैं।

बीते चार दिन से जिले में कोहरे की परत छाई हुई है। दो दिन से तो सूरज के दर्शन ही नहीं हुए। इन हालात में सबसे ज्यादा परेशानी यातायात में होती है। कोहरे के कारण न तो सड़क दिख रही है और न ही आगे जा रहे वाहन। सिर्फ फॉग लाइट लगाकर ही कोहरे में सफर किया जा सकता है, मगर रोडवेज की तमाम बसों में अब भी फॉग लाइटें नहीं लगी हैं। 
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बीते बुधवार की देर रात घने कोहरे के कारण बछरावां में प्रयाग डिपो की बस खड़े ट्रक से भिड़ गई थी। इसमें 25 यात्री घायल हुए थे। इसी तरह अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र में सुल्तानपुर डिपो की बस लखनऊ जाते समय सरैंया सलारपुर के निकट ट्रक से टकरा गई थी, जिससे 35 यात्री घायल हुए थे।

इन हादसों के बाद भी अफसरों ने सबक नहीं लिया। रोडवेज वर्कशॉप के कर्मचारियों और अनुबंधित बसों के मालिकों को बसों में फॉग लाइटें लगवाने के निर्देश तो दिए गए, लेकिन इसे कड़ाई से लागू नहीं किया जा रहा है। 

रायबरेली डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी एके त्रिपाठी ने बताया कि कोहरे के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। सभी बसों में फॉग लाइटें लगवाई जा रही हैं। इसके साथ ही चालकों को कोहरे में धीमी रफ्तार में बस चलाने के निर्देश दिए गए हैं। 

कोहरे के कारण ट्रेन के यात्रियों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। शनिवार को आगरा से कोलकाता एक्सप्रेस दो घंटे, हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस 13 घंटे, पुरी से नई दिल्ली नीलांचल एक्सप्रेस तीन घंटे, वाराणसी से लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस छह घंटे, लखनऊ से प्रयाग पैसेंजर सात घंटे लेट रही।

वहीं राजेंद्र नगर जम्मूतवी अर्चना एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण मुसाफिरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री मालती तिवारी, गीता तिवारी, मनीष, रेखा देवी, शोभा, जय किशन आदि ने कहा कि कोहरे से निपटने के लिए रेलवे की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

14 से 16 घंटे तक ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। बच्चों को लेकर ट्रेन का सफर अब मुश्किलों भरा साबित हो रहा है।  रायबरेली रेलवे स्टेशन के अधीक्षक एके श्रीवास्तव ने बताया कि सामान्य मौसम में जो ट्रेनें 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती थीं।

उन्हें कोहरा पड़ने पर 48 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा। यह आदेश उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल कार्यालय से जारी किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर इसका पालन करने के निर्देश सभी को दिए गए हैं।
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