जगतपुर क्षेत्र का बदहाल जमोड़ी मार्ग।
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हकीकत ये है कि आगे सड़क बनती हैं और पीछे से उखड़ने लगती हैं। इस पर सीएम ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने साफ कहा कि यदि एक साल के अंदर नई सड़क उखड़ी तो ठेकेदार उसे फिर से मरम्मत कराएंगे। सीएम के इस आदेश के ठेकेदारों और विभागीय अभियंताओं की नींद उड़ गई है।
वर्ष 2017-18 में करीब 12 सड़कों का निर्माण होना है। इन सड़कों में करीब 20 फीसदी काम हो चुका है, लेकिन जिस तरह से कार्य कराया जा है, उससे तो यह नहीं लगता कि यह सड़क छह महीने भी चल पाएगी। मानक के अनुरूप काम नहीं हो रहा है। अचानक प्रदेश सरकार के फैसले से अभियंताओं और ठेकेदारों में में बेचौनी छा गई है। अभी तक ठेकेदारों और विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत से सड़कों के निर्माण में जमकर खेल किया जाता था। आगे निर्माण होता, तो पीछे सड़क उखड़ने लगती थी।
निर्माण के बाद एक सड़क की कई-कई बार मरम्मत करके केवल खानापूरी की जाती थी। सीएम के आदेश के बाद अब सड़कों का निर्माण में पारदर्शिता आएगी। अप्रैल से जून महीने के बीच 791 किलोमीटर सड़कों को गड्ढमुक्त किया गया, लेकिन यह गड्ढा मुक्त सड़कें फिर जस की तस हो गई हैं। हालत यह है कि पहले से ज्यादा बड़े गड्ढे हो गए हैं। राहगीरों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में सड़कों की हालत दयनीय हो गई है।