रायबरेली। जिले में बुधवार को हुई बारिश ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ी दी। महज 20 मिनट की बारिश में हर तरफ पानी ही पानी हो गया। घरों में पानी घुसने से सामान भीग गया। पहली ही झमाझम बारिश ने नगर पालिका के जलनिकासी के दावों की पोल खोल दी है। लोग स्वयं घरों से पानी की निकासी करते नजर आए।
बारिश होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली। दोपहर बाद करीब तीन बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में काले बादल छाए और फिर तेज बारिश हुई। बारिश से आचार्य द्विवेदी नगर में लोगों के घरों तक पानी घुस गया। सड़क पर खड़े वाहन फंस गए। आर्यन, दिनेश तिवारी ने बताया कि घरों में पानी घुस गया। आंटा, चावल समेत अन्य गृहस्थी का सामान भीग गया है।
पालिका के अफसरों को सूचना दी थी। कोई मौके पर नहीं आया। इससे स्वयं घरों से पानी निकालना पड़ रहा है। जलभराव इस कदर हुआ कि नागरिकों का आना-जाना मुश्किल हो गया। सुपर मार्केट, खोवा मंडी, सुपर मार्केट की गलियों में पानी भर गया। निराला नगर, अहमदपुर नजूल, प्रकाश नगर, धमसी राय का पुरवा, घोसियाना समेत कमोवेश पूरे शहर की यही स्थिति रही। पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर का कहना है कि जहां पर जलभराव हुआ है, वहां पर पालिका की टीम भेजकर जलनिकासी कराई जा रही है।
लोगों ने कहा, नाला सफाई के नाम पर हुई खानापूर्ति
आचार्य द्विवेदी नगर के महादेव प्रसाद, बिंदा सिंह, दिनेश राठौर कहते हैं कि बारिश से पहले अधिशासी अधिकारी (ईओ) और पालिकाध्यक्ष दावा कर रहे थे कि नालों की सफाई बेहतर तरीके से करा दी गई है। यह सब खानापूर्ति तक सीमित रहा। घरों में पानी घुस गया है। चारपाई, बेड तक भीग गए हैं। ऐसे में रात में सोना मुश्किल होगा।
निराला नगर, अहमदपुर नजूल, प्रकाश नगर के रहने वाले अंजनी गुप्ता, शीतला दुबे, अर्जुन यादव कहते हैं कि नाला सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं तो फिर जलभराव की समस्या दूर क्यों नहीं हो पा रही है। नाला सफाई के नाम पर हुई मनमानी की जांच कराई जानी चाहिए। जलभराव से परेशानी झेलनी पड़ रही है।