रायबरेली। मौसम में बदलाव आने के बाद जिले में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का प्रकोप बढ़ गया है। प्रयोगशाला की जांच में तीन साल के बच्चे समेत दो मरीजों को इसकी चपेट में आने की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में एईएस के 19 मरीज मिल चुके हैं। रिपोर्ट आने के बाद मरीजों के घर पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार के लोगों की जांच की। जांच में मरीजों के साथ ही परिवार के लोग स्वस्थ मिले।
जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की जांच में राही ब्लॉक के भांव गांव निवासी आयत (3) पुत्र मो. आरिफ, और महराजगंज सीएचसी की प्रयोगशाला की जांच में ओई गांव निवासी श्रुति (12) पुत्री संजय मौर्या एईएस संक्रमित मिले। जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉ. ऋषी बागची के निर्देशन में टीम ने मरीजों के घर पहुंचकर परिवार के लोगों की सेहत जांची। जांच में सभी लोग स्वस्थ मिले। गांवों में दवा का छिड़काव कराने के साथ ही लोगों को संक्रामक रोगों से बचने के टिप्स दिए गए।
एईएस के लक्षण और कारण
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी ने बताया कि एईएस के कम गंभीर रोगियों में बुखार व सिर में दर्द की शिकायत होती है। वहीं गंभीर स्थिति वाले रोगी मानसिक रूप से विक्षिप्त, चमकी का दौरा पड़ना, अपने आसपास की वस्तुस्थिति का ज्ञान न होना आदि लक्षण हैं। यह बीमारी मस्तिष्क में बैक्टीरिया के संक्रमण से होती है। इसका फैलाव मच्छरों से मुख्य रूप से होता है।
ऐसे करें रोग से बचाव
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले बर्तनों व खाद्य पदार्थों की साझेदारी से बचें। बच्चों को मच्छरों से दूर रखने वाली क्रीम लगाएं। स्प्रे का इस्तेमाल करें। बच्चों के सिर में सूजन, उल्टी, लगातार रोना, हमेशा सोते रहना, भूख न लगना, चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में ले चिकित्सक की सलाह लें।
मौसम में बदलाव के कारण एईएस का संक्रमण बढ़ रहा है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है। एईएस के दो और मरीज मिले हैं। सभी स्वस्थ हैं। सभी मरीज और उनके घर के लोग स्वस्थ हैं। लोग एहतियात बरतें।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ