रायबरेली। शहर में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए 1200 करोड़ रुपये से प्रस्तावित रिंग रोड के दूसरे फेज का काम तेजी से चल रहा है। इस दायरे में आने वाली जमीन का अधिग्रहण कर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह रिंगरोड आठ सड़कों को क्रॉस करेगी। इन सड़कों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोगों को जाम की समस्या से जूझना न पड़े। ओवरब्रिज बनने से हादसे कम होंगे।
21 गांवों से होकर निकलने वाली इस रिंगरोड के बनने से शहर में जाम की समस्या से राहत मिल जाएगी। इससे लखनऊ से प्रयागराज जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। यह रिंग रोड डिडौली स्थित महिंद्रा एजेंसी के पास रायबरेली-लखनऊ हाईवे से निकल कर सैदनपुर, सुलखियापुर, पासापुर, परिगवां, अलादपुर, कंचौदा नानकारी, चकलोहराहार, डिडौली, लोहरामऊ, सलारपुर, नौबती, दरीबा, रेती खुर्द बुजुर्ग, बिनोहरा, फकरुलहसन खेड़ा, मछेछर, पासापुर, सुल्तानपुर आइमा, बेलाभेला, कुचरिया, सरायदामो गांव होकर रायबरेली-प्रयागराज हाईवे को जोड़ेगी।
5100 किसानों को 320 करोड़ मिला मुआवजा
रिंगरोड निर्माण के लिए 5100 किसानों से भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसके लिए किसानों को 320 करोड़ रुपया मुआवजा बांटा जा चुका है।
जिले में दूसरे फेज में रिंग रोड के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। रिंगरोड आठ सड़कों को क्रॉस कर रही है। इन सड़काें के ऊपर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।
मनीष सिंह चौहान, अधिशासी अभियंता सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्रालय