रायबरेली। शहर में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए 1200 करोड़ रुपये से शुरू कराया गया रिंग रोड के दूसरे फेज का काम थम गया है। इसकी वजह बारिश बताई जा रही है। इससे एक ओर जहां लोगों को शहर में जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है, वहीं समय से यह प्रोजेक्ट पूरा होता नहीं दिख रहा है। 22 किमी. लंबा रिंग रोड 21 गांवों से होकर निकलेगा।
करीब 10 साल पहले नगर के चारों ओर रिंग रोड के निर्माण का तानाबाना बुना गया था। पहले चरण में महराजगंज रोड पर शारदा सहायक नहर से लेकर लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुचरिया के निकट तक रिंग रोड का काम चल रहा है। दूसरा रिंग रोड डिडौली स्थित महिंद्रा एजेंसी से 21 गांवों से होकर भांव गांव के पास रायबरेली-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ेगा है।
जगह-जगह मिट्टी की भराई का काम चल रहा है। इसके अलावा जहां पर रोड क्रॉसिंग है, वहां पर पुल निर्माण का काम शुरू कराया गया है, लेकिन मौजूदा समय में काम ठप है।
5100 किसानों को मिल चुका 320 करोड़ मुआवजा
रिंग रोड फेज दो सैदनपुर, सुलखियापुर, पासापुर, परिगवां, अलादपुर, कंचौदा नानकारी, चकलोहराहार, डिडौली, लोहरामऊ, सलारपुर, नौबती, दरीबा, रेती खुर्द बुजुर्ग, बिनोहरा, फकरुलहसन खेड़ा, मछेछर, पासापुर, सुल्तानपुर आइमा, बेलाभेला, कुचरिया, सरायदामो गांव से गुजरेगा। इन गांवों के करीब 5100 किसानों को 320 करोड़ रुपया मुआवजा दिया जा चुका है।
बारिश बाद शुरू कराया जाएगा काम
रिंग रोड पर मिट्टी भराई और रोड क्रॉसिंग की जगह पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। बारिश के चलते काम बंद है। बारिश के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
-मनोज कुमार, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर निर्माण इकाई