फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान की आवक नही, केंद्रों पर सन्नाटा

Sun, 18 Oct 2015 11:01 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे में इस बार धान खरीद का लक्ष्य पूरा करना आसान नहीं लगता है। हालात ये हैं कि किसानों और उनके परिवार के लोगों को ही भरपूर धान नहीं मिल पाएगा, जिससे उनके सामने चावल का संकट पैदा होगा।
विज्ञापन


इस बार जिले में 45 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर 32 हजार 520 मीट्रिक टन धान खरीदा जाना है। डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की रोपाई की गई थी।

एक अक्तूबर से 31 जनवरी तक धान खरीद होनी है। केंद्र तो खोल दिए गए हैं, लेकिन इन 18 दिनों में एक भी क्विंटल धान खरीदा नहीं जा सका है। वजह किसान धान लेकर केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


वजह किसानों के धान की आवक केंद्रों पर नहीं हो पाई है। इस बार बारिश न होने से धान की फसल की रोपाई लेट हुई थी। बाद में किसी तरह किसानों ने धान की रोपाई की तो बारिश न होने और रोग लगने की वजह से 50 फीसदी धान की फसल चौपट हो गई।

अधिकतर किसान धान की कटाई शुरू नहीं कर पाए हैं। इस बार लक्ष्य पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। इससे अधिकारियों के भी होश उड़े हुए हैं।

शिवगढ़, जगतपुर, ऊंचाहार,  बछरावां, हरचंदपुर में सबसे अधिक धान होता है, लेकिन इस बार यहां भी स्थिति ठीक नहीं है। सूखे और रोग लगने से धान की फसल चौपट हो गई है।

इस बार धान खरीद के दो रेट रखे गए हैं। अफसरों के मुताबिक धान कॉमन 1410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। वहीं धान ग्रेड ए 1450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। अफसरों का कहना है कि किसान धान अच्छी तरह से सूखाकर केंद्रों पर लेकर पहुंचे।

वहीं राही ब्लॉक क्षेत्र के बाबूलाल, प्रदीप, छतोह क्षेत्र के कलदार सिंह, रामकुमार कहते हैं कि इस बार धान की फसल चौपट हो गई है। नलकूप और नहर के पानी से सिंचाई करके जो फसल बची भी है।

उसमें भी लपेटक रोग लगने से नुकसान हुआ है। इस बार केंद्रों पर धान ले जाने की कौन कहे, परिवार के सदस्यों के लिए खाने की व्यवस्था ही हो जाए, यही बहुत है।

पिछले साल की अपेक्षा उत्पादन काफी कम होने की गुंजाइश है। ऐसे में लगता है कि धान खरीदना पड़ेगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा ने बताया कि जिले में एक अक्तूबर से 31 जनवरी तक धान खरीद का समय रखा गया है।

32 हजार 520 मीट्रिक टन धान खरीदा जाना है। केंद्र भी खोल दिए गए हैं, लेकिन इस बार केंद्रों पर धान की आवक शुरू नहीं हो पाई है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक कुछ न कुछ आवक जरूर होगी।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें