रायबरेली। धोखाधड़ी करके चावल बेचने वाले ट्रक चालक समेत चार आरोपियों को डीह पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। चावल अहमदाबाद पहुंचाने के बजाय ट्रक चालक ने अपने पिता समेत अन्य लोगों से सांठगांठ करके उसे फतेहपुर में एक राइस मिल को बेच दिया। मामले में ट्रक चालक के पिता समेत तीन आरोपी फरार हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक फुरसतगंज निवासी रितेश अग्रवाल ने 17 जुलाई को डीह थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह जायस कस्बा स्थित नवीन मंडी स्थल में अनाज का थोक व फुटकर का आढ़त कार्य करते हैं। 12 मई 2025 को विंध्यवासिनी ट्रांसपोर्ट परशदेपुर के मालिक शिवम तिवारी के माध्यम से ट्रक से बुकिंग करके 307 क्विंटल चावल अहमदाबाद भेजा था। बावजूद इसके ट्रक चावल लेकर अहमदाबाद नहीं पहुंचा है। इस पर पुलिस ने केस दर्ज करके प्रकरण की जांच शुरू कराई गई थी।
डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज ने पुलिस टीम के साथ चड़रई चौराहे के पास से प्रतापगढ़ जिले के लीलापुर थाना क्षेत्र के कटबड शाहीपुर निवासी ट्रक चालक मो. इसरार उर्फ इमरान खान, फतेहपुर जिले के महाजरी मोहल्ला निवासी आसिफ हुसैन उर्फ बाबा, खेलदार मोहल्ला निवासी मो. तबरेज और मलवा थाना क्षेत्र के संवरा गांव निवासी समशुलहुदा को पकड़ा।
पूछताछ में इसरार ने बताया कि उसे पैसे की सख्त जरूरत थी। पिता रैसूल जमा की सलाह पर 15 मई को फतेहपुर जिले पहुंच गया। फतेहपुर में पिता के अलावा अभिषेक मिश्रा और आसिफ, तबरेज की मदद से सौरा राइस मिल मालवा फतेहपर में सात लाख 60 हजार में चावल बेच दिया। एएसपी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब पांच बजे सभी आरोपी पैसों का आपस में बंटवारा कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा, जबकि ट्रक चालक के पिता, अभिषेक मिश्रा समेत तीन आरोपी फरार हो गए। पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन लाख छह हजार रुपये बरामद हुए। पुलिस से बचने के लिए ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी।
पुलिस से बचने को गुजरात भेज दिया था अपना सिम
ट्रक चालक मो. इसरार बहुत शातिर है। एएसपी के मुताबिक राइस मिल में चावल बेचने के बाद ट्रक चालक ने अपना सिम व मोबाइल अपने परिचित चालक के माध्यम से गुजरात में रहने वाले भाई फरदीन के पास भिजवा दिया था। साथ ही दूसरा फोन अपने पिता देकर अपने गांव प्रतापगढ़ भेज दिया था, ताकि पुलिस लोकेशन का पता न लगा सके।