रायबरेली। ठंड में सांस के मरीजों के साथ ऑक्सीजन की डिमांड भी बढ़ गई है, लेकिन मरीजों की जान कंसंट्रेटर व सिलिंडरों के भरोसे है। चार माह बाद भी ऑक्सीजन प्लांट को ठीक नहीं कराया गया। प्लांट को चलने लायक बनाने में 11 लाख रुपये चाहिए, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन बजट की व्यवस्था कर पाने में नाकाम है। ऐसे में आए दिन गंभीर मरीजों की जान को खतरा बना हुआ है।
जिला अस्पताल प्रशासन की इमरजेंसी में रोज 10 से 15 सांस के रोगी भर्ती होने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा अन्य गंभीर मरीजों को भी ऑक्सीजन की जरूरत होती है। सांस की समस्या के सुखनंदन (55), सरयूदेवी (90), शिवदेवी (65), द्रोपदी (70), मो. रईस (72) आदि मरीजों को भर्ती कराया गया। ठंड व धुंध बढ़ने के बाद सांस व सीने में दर्द के मरीज बढ़ने के बाद भी ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कराने में लापरवाही बरती जा रही है।
चार माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी प्लांट ठीक नहीं कराया गया है। शासन से बजट का इंतजार किया जा रहा है। बजट मिलने के बाद ही प्लांट को ठीक कराया जाएगा। इस काम में करीब 11 लाख रुपये की जरूरत है। प्लांट के ठीक न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीपी गुप्ता का कहना है कि निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट ठीक होगा।