रायबरेली। जिले में जल जीवन मिशन योजना की प्रगति सुधारने के लिए जल निगम ग्रामीण के अधिकारी गंभीर हो गए हैं। कार्यदायी एजेंसियों को अल्टीमेटम देकर कहा कि जहां परियोजनाओं में बोरिंग लग गईं हैं, उनसे जुड़े गांवों में पहुंचाया जाए। इसके अलावा अधूरी परियोजनाओं को पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से शुरू किए गए अभियान का असर यह रहा है कि जल निगम के अभियंताओं ने पानी नहीं पहुंचने पर कार्यदायी एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई और भुगतान रोकने की चेतावनी दी है।
जिले में 988 ग्राम पंचायतें और 1561 राजस्व गांव हैं। इनमें शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना शुरू की गई। योजना के तहत हर घर में पानी की आपूर्ति के लिए टोटी लगाई जानी है। जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों का दावा है कि अब तक 850 गांवों में पानी की आपूर्ति हो रही है। इनमें अधिकांश गांवों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अमर उजाला ने 12 मार्च योजना की पड़ताल की, तो ज्यादातर गांव ऐसे मिले, जहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लगातार चलाए गए अभियान का असर रहा जल निगम के अधिकारियों ने कार्यदायी एजेंसी एनसीसी और वीटीएल से रिपोर्ट तलब की। चेतावनी दी कि 850 गांव के चार लाख 70 हजार 436 घरों में लगाई गई टोटियों में पानी पहुंचाया जाए।
टंकियों पर रखें ऑपरेटर, एजेंसी करेगी भुगतान
कार्यदायी एजेंसियों को निर्माणाधीन पानी की टंकियों पर एक कर्मचारी रखने का निर्देश दिया गया है। यही श्रमिक टंकियों पर चौकीदारी और ऑपरेटर का कार्य करेंगे। ग्राम प्रधान की सहमति पर ऐसे श्रमिक की तैनाती करेगी, जो नियमित रूप से पानी की आपूर्ति करे। इनकी मजदूरी का भुगतान कार्यदायी एजेंसी को करना पड़ेगा।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता शफीकुर्रहमान ने बताया कि योजना के तहत 1561 राजस्व गांव में अब तक 850 गांवों में पानी की आपूर्ति हो रही है। शेष राजस्व गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए टंकियों और पंप हाउस का निर्माण चल रहा है। वर्ष 2028 तक सभी राजस्व गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी। टंकियों के संचालन के लिए ऑपरेटरों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।