महराजगंज। रायबरेली के महराजगंज में एक लेखपाल ने ऊसर भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप में सात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। इनमें तीन ऐसे किसान शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। यह मामला एक ग्रामीण की शिकायत के बाद सामने आया है।
गांव के प्रदीप बाजपेई ने 22 जनवरी 2026 को उपजिलाधिकारी से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि गांव की ऊसर भूमि पर नौ लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान बना लिए हैं। उपजिलाधिकारी के आदेश पर लेखपाल ने 17 फरवरी को मो. रफीक, खुर्शीद, शफीक, हसन अली, जाकिर, कुद्दूस और विजय मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट पेश की। इसके बाद 20 फरवरी को तहसीलदार न्यायालय में इन सातों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। मो. रफीक की लगभग 30 साल पहले और जाकिर व हसन अली की छह साल पहले मृत्यु हो चुकी है। अब राजस्व अभिलेखों में इनके वारिसों के नाम दर्ज हैं। मंगलवार को फिर से मामला उजागर हुआ। अटरा निवासी प्रदीप बाजपेई ने दोबारा उपजिलाधिकारी से शिकायत की। उपजिलाधिकारी गौतम सिंह ने नायब तहसीलदार उमेश चंद्र त्रिपाठी को जांच सौंपी है। उन्होंने रिपोर्ट मांगी है और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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मौके पर नहीं पहुंचे लेखपाल,फर्जी जांच का आरोप
रफीक की मौत 30 वर्ष पहले हो चुकी है। उनकी पत्नी ललुन निशा ने बताया कि बीते 40 साल से अधिक समय से उनका घर बना हुआ है और हल्का लेखपाल ने मौके पर पड़ताल न करते हुए रिपोर्ट लगा दी है। इसी तरह आरोपी हसन की मृत्यु 2023 में हो चुकी है। उनकी पत्नी बीते कई दिनों से अस्वस्थ चल रही हैं। ऐसे में मृत पति पर दर्ज किए गए मुकदमे ने पूरे परिवार को परेशानी में डाल दिया है। समीना ने बताया कि उसके ऊपर दो बेटियों की जिम्मेदारी है। तीसरे आरोपी जाकिर अली की छह वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। उनकी पत्नी कलामुन निशा ने बताया कि कोई भी मौके पर जांच करने नहीं आया। मुकदमे से कैसे पार जाएं, समझ में नहीं आ रहा है।