रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार अब प्रभावित नहीं होगी। रेल लाइन बदलने के लिए स्टेशन के आसपास के सभी टर्निंग पाॅइंट पर उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण पहले ही लगाए जा चुके हैं। इधर कई महीने से चल रहा तीन रेल लाइनों के नवीनीकरण का कार्य भी पूरा करा लिया गया है।
बुधवार को लाइन नंबर एक पर पटरी बदलने के काम को अंतिम रूप दिया गया। लाइन नंबर तीन के टर्निंग पॉइंट के बाद कुछ स्लीपर भी बदले गए। इससे तीनों रेलवे ट्रैकों की क्षमता बढ़ गई है। शहर के रेलवे स्टेशन पर लाइन नंबर एक (प्लेटफार्म नंबर 1-ए), लाइन नंबर दो (प्लेटफॉर्म नंबर एक) और लाइन नंबर तीन (मेन लाइन) काफी पुरानी हो चुकी थी। इन्हीं तीन रेल लाइनों से ट्रेनों का आवागमन भी बहुत अधिक रहता है। इसीलिए स्टेशन परिसर के अंतर्गत आने वाली इन तीनों रेल लाइनों का नवीनीकरण कराया गया है।
लाइन नंबर दो और तीन पर 800-800 मीटर और लाइन नंबर एक पर 350 मीटर रेलवे ट्रैक बदला गया है। लाइन नंबर एक और तीन पर स्लीपर के साथ पटरियां नई लगा दी गई है। लाइन नंबर दो पर सिर्फ पटरियां बदली गई हैं, क्योंकि इस लाइन के स्लीपर सीमेंटेड फर्श के साथ लगे हुए हैं। काम को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को लाइन नंबर एक पर नई लगाई गई पटरियों के छूटे वेल्डिंग कार्य को कराया गया। पुरानी निकली पटरियों को हटाया गया। लाइन नंबर तीन पर टर्निंग पॉइंट के बाद कुछ पुराने स्लीपर निकाल कर नए स्लीपर लगाए गए।
वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) विजय कालरा का कहना है कि तीनों रेलवे ट्रैकों के नवीनीकरण का कार्य पूरा करा लिया गया है। इससे रेल लाइनों की क्षमता बढ़ गई है। टर्निंग पॉइंट पर उच्च गुणवत्ता के उपकरण लगने से ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी। लाइनों के किनारे पुराने स्लीपर व पटरियों समेत जो सामग्री पड़ी है, उसे भी जल्द हटवा दिया जाएगा।