श्रमिक सोहनलाल की मां, पत्नी और बच्चे।
डलमऊ (रायबरेली)। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की बमबारी में घायल भट्ठा श्रमिक की हालत गंभीर है। जम्मू कश्मीर में समुचित इलाज न होने पर परिजन मंगलवार रात श्रमिक को यहां लाकर एम्स में भर्ती कराया। परिजनों ने कहा, जम्मू कश्मीर में इलाज ठीक से नहीं किया गया। हमारे पैसे इतने पैसे नहीं हैं कि पीड़ित का सही से इलाज करा सकें।
डलमऊ तहसील क्षेत्र के संतपुर निवासी सोहनलाल (30) जम्मू कश्मीर प्रांत के नौसेरा सेक्टर स्थित भट्ठे पर मजदूरी करते थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 10 मई को पाकिस्तान की तरफ से बमबारी की गई थी। चपेट मेंं आकर सोहनलाल का बायां पैर जख्मी हो गया था। बारूद के चलते शरीर में जहर फैल गया। भाई संदीप के मुताबिक सोहनलाल का जम्मू कश्मीर में मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। इलाज ठीक तरीके से न होने के चलते भाई की हालत बिगड़ती जा रही थी। इसलिए एंबुलेंस के जरिए भाई को लेकर मंगलवार रात नौ बजे रायबरेली ले आए। एम्स में भर्ती कराया।
संदीप के मुताबिक एम्स के चिकित्सकों ने भाई की हालत गंभीर बताई है। पत्नी रेखा का कहना है कि जो ठेकेदार पति को मजदूरी करने के लिए जम्मू कश्मीर ले गया था, वह इलाज नहीं करा रहा है। पैसे तक नहीं दिए हैं। उनके पास पैसा नहीं है कि वह पति का समुचित तरीके से इलाज करा सकें। पत्नी ने जिला प्रशासन से पति का ठीक तरीके से इलाज कराने की मदद मांगी है।