बेसिक शिक्षा विभाग में साक्षर भारत मिशन के तहत लोक शिक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए प्रेरकों के नवीनीकरण के आदेश शासन ने दिए थे, लेकिन जिले में 182 प्रेरकों की जगह नए चयन कर दिए गए हैं।
प्रेरकों का नवीनीकरण न करके उनके उनके स्थान पर दूसरे प्रेरक तैनात कर दिए गए हैं। मामला प्रकाश में आने के बाद साक्षरता निदेशक व राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव ने गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने मामले में जिले से रिपोर्ट मांगी है।
साक्षरता के निदेशक ने प्रेरकों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी थी। 29 मार्च को निदेशक ने पत्र जारी कर प्रदेश के सभी जिलों में प्रेरकों के नवीनीकरण पर लगी रोक को हटाने का आदेश देते हुए सभी का नवीनीकरण करने का आदेश दिया था।
इसके साथ ही उन्होंने किसी खास परिस्थितियों की सूचना प्राधिकरण के देने के आदेश दिए थे। 29 मार्च को प्रेरकों के नवीनीकरण के आदेश दिए गए, लेकिन जिले में 182 प्रेरकों का नया चयन कर दिया गया।
खास बात यह कि प्रेरकों को पद से हटाने के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया। पुराने प्रेरकों को नोटिस भी नहीं दिया गया। पोल खुलने के बाद हड़कंप मच गया है। साक्षरता के निदेश ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले में जिले से पूरी रिपोर्ट मंगवाने के निर्देश दिए हैं।
इस बारे में निदेशक/सचिव राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण अवध नरेश शर्मा ने बताया कि प्रेरकों के नवीनीकरण पर लगी रोक को हटाया गया था। नया चयन करने के लिए आदेश नहीं दिए गए। यदि ऐसा किया गया है तो नियम के विपरीत है। मामले में जिले से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई कराई जाएगी।