रायबरेली। जिले में बुधवार को झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन जलभराव आफत बन गया। शहर ही नहीं, बल्कि देहात क्षेत्रों में पानी भरा होने की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि बारिश से धान की फसल को फायदा हुआ। इससे किसानों के चेहरे खिल गए।
वैसे तो कई दिन से हल्की बारिश हो रही है। मौसम में उतार चढ़ाव लगा है। बुधवार को भी मौैसम का मिजाज बदला। सुबह नौ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक झमाझम बारिश हुई। बारिश से मौसम नम हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। बारिश के कारण जिला अस्पताल, सुपर मार्केट, अयोध्यापुरी, आचार्य द्विवेदी इंटर कॉलेज, इंदिरा नगर, डिग्री कॉलेज चौराहा, नया पुरवा समेत अन्य मोहल्लों में जलभराव हो गया।
इससे लोगों को पानी के बीच से आना-जाना पड़ा। स्कूली छात्र-छात्राएं भीगते हुए घरों को पहुंचे। महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। मऊ गांव के डीडी मिश्रा, रामाकांत अवस्थी, शिव बहादुर पांडेय, सिकंदरपुर के जयकरण सिंह, सेमरहा के राजन अवस्थी, मऊशर्की के राजेश सिंह, पूरे हनुमंत से शिव नायक सिंह का कहना है कि बारिश से धान की फसल को फायदा हुआ है। बछरावां, सतांव, ऊंचाहार कस्बे में जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
ऊंचाहार क्षेत्र में बुधवार को बारिश के कारण कई मकान ढह गए। इससे लोगों के घर का सामान तहस-नहस हो गया। हालांकि लोग बाल-बाल बच गए। उमरन गांव में कृष्ण कुमार, श्रवण कुमार, सरोज देवी, सुमित्रा देवी, सुनील कुमार, गीता देवी और विजय बहादुर के मकान ढह गए है। लेखपाल रविकांत केशरवानी ने गांव जाकर नुकसान का जायजा लिया। लेखपाल ने पीड़ित परिवारों को मदद दिलाने का भरोसा दिया।