रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर मंगलवार को इसौर नाले पर बना बाईपास कटने के बाद देर रात आवागमन बहाल किया गया तो बुधवार को भोर में मोरंग लदा ट्रक पलट गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया।
ट्रक को हटाने के बाद आवागमन बहाल कराया गया। इससे करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर गदियानी गांव के पास इसौर नाले पर एनएचएआई की ओर से पुल का निर्माण कराया जा रहा है। आवागमन बाधित न हो, इसलिए पुल के पास बाईपास बनवाया गया था।
मंगलवार को नाले में उफान की वजह से बाईपास कट गया था। सूचना पर कार्यदायी संस्था पीएनसी (आगरा) के अफसर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
बताते हैं कि नाले पर, जो नया पुल बनवाया जा रहा था, उसकी स्लेप पड़ गई थी, लेकिन दोनों सिरों की भराई नहीं हो सकी थी। बाईपास कटने के बाद बाधित आवागमन बहाल करने की जल्दी में आनन फानन निर्माणाधीन पुल के दोनों ओर मिट्टी की भराई करा दी गई।
इसके बाद देर रात ही पुल से आवागमन शुरू कर दिया गया। इसी बीच रायबरेली से सलोन की ओर जा रहा एक मोरंग से लदा ओवरलोड ट्रक पुल से गुजरा।
ट्रक पुल पार कर ही रहा था, तभी मिट्टी धंस गई, जिससे ट्रक पलट गया। काफी देर तक कोई वाहन सवार पुल से गुजरने की हिम्मत नहीं जुटा सका। ट्रक को हटाने के बाद आवागमन बहाल कराया गया।
आगरा की कार्यदायी संस्था पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर आशुतोष सिन्हा ने बताया कि मेजरगंज गांव के पास किसी ने शारदा सहायक से निकली कैनाल का पानी नाले में खोल दिया था।
इससे नाला उफना गया और बाईपास कट गया। बाईपास बनाने में समय लगेगा, इसलिए निर्माणाधीन पुल को आवागमन के लिए खोला गया है। उधर, एनएचएआई के पीडी सीएम द्विवेदी ने बताया कि बाईपास की जांच कराई जाएगी कि आखिरकार ऐसा किसकी लापरवाही से हुआ।