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Raebareli News: आरडीएसएस, बिजली संकट बरकरार

Tue, 10 Mar 2026 01:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली। जिले की बिजली व्यवस्था बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन उपभोक्ताओं को अब भी बिजली संकट से राहत नहीं मिली है। हालात यह हैं कि कहीं फॉल्ट तो कहीं लो वोल्टेज की समस्या के कारण करीब पांच लाख उपभोक्ता परेशान हैं। गर्मी का सीजन शुरू होने वाला है और लोगों को उम्मीद थी कि इस बार स्थिति बेहतर होगी, लेकिन फिलहाल इस योजना का कोई खास असर जमीन पर नजर नहीं आ रहा है।
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जिले में जर्जर तारों को बदलने, नए खंभे लगाने और खुले तारों की जगह एबी केबल डालने के लिए यह योजना शुरू की गई थी। इसके पहले चरण के लिए 141 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया और जनवरी 2023 में काम शुरू हुआ। नियमानुसार इसे जनवरी 2025 तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी सुधार दिखाई नहीं दे रहा।
शहरी क्षेत्र में लोग बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से बेहाल हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी ढीले और जर्जर तारों की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। जबकि योजना के तहत आवंटित राशि पानी की तरह बहा दी गई है। अब तक कार्यदायी संस्था को 80 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी किया जा चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते योजना के कार्यों की ठीक से निगरानी नहीं की गई, जिसका खामियाजा अब जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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इनसेट
समय सीमा खत्म, संकट जस का तस
शहर के उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती से परेशान हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में आज भी जर्जर और ढीले तारों के कारण आपूर्ति बाधित हो रही है। योजना को पूरा करने की समय सीमा नजदीक है, लेकिन बिजली व्यवस्था की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। बालापुर गांव के निवासी राजन शुक्ला, भूपेंद्र श्रीवास्तव, राजा ठाकुर और बबलू मिश्रा के साथ ही इंदिरा नगर के श्याम बिहारी और प्रशांत यादव का कहना है कि हर दिन अघोषित कटौती का सामना करना पड़ता है। कभी लो-वोल्टेज की समस्या होती है, तो कभी पुराने तार टूटने से घंटों बिजली गुल रहती है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि योजना के क्रियान्वयन में हुई लापरवाही के कारण बिजली व्यवस्था आज भी अपने पुराने ढर्रे पर ही चल रही है और जनता को राहत नहीं मिल पा रही है।
इनसेट
आरडीएसएस योजना पर नजर
- पहले चरण की लागत-141 करोड़ रुपये
- काम पूरा होने की निर्धारित की गई अवधि-2025 तक
कार्यदायी एजेंसियों को किया गया भुगतान-80 करोड़ रुपये
योजना से इनको बदला जाना था
-जर्जर तार, खंभे लगाना और एलटी लाइन बिछाना
-अब तक पूरे हुए काम पर दावा- शत प्रतिशत
- समस्या से परेशान उपभोक्ता- करीब पांच लाख
इनसेट
केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के लगभग सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं और शेष कार्य मार्च 2026 तक पूरे हो जाएंगे। इस योजना से जिले की बिजली व्यवस्था में काफी हद तक सुधार हुआ है। बची हुई कमियों को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा। अब तक कार्यदायी संस्था को 80 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
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- रफीउल्ला सिद्दीकी, असिस्टेंट मैनेजर, आरडीएसएस
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