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प्रधान का करोड़पति परिवार हर माह डकार रहा सवा क्विंटल राशन

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डीह (रायबरेली)। गरीबों के हक पर डाका डालने वाले अमीरों ने हद ही पार कर दी है। क्षेत्र के पूरबनायन के प्रधान की पत्नी शिक्षामित्र हैं।
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भाई सिपाही, भाभी शिक्षिका, पिता डाक विभाग में तैनात हैं। घर में ट्रैक्टर, बोलेरो है। कई बीघा जमीन होने के बाद भी 12 यूनिट के पात्र गृहस्थी के दो राशन कार्ड बनवा रखे हैं।
हर महीने करीब सवा क्विंटल राशन के साथ ही निशुल्क चना, नमक और रिफाइंड डकारा जा रहा है। प्रधान के परिवार की हैसियत करोड़पति होने की बात बताई जा रही है। प्रधान होने के कारण कोई अधिकारी इसके राशन कार्ड को निरस्त करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
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डीह ब्लॉक की ग्राम पंचायत पूरबनायन में प्रधान आनंद कुमार के परिवार में पात्र गृहस्थी के दो राशन कार्ड बने हैं। इसमें पात्र गृहस्थी राशन कार्ड संख्या 215840801050 प्रधान की मां चंद्रवती के नाम जारी है।
इस कार्ड में डाक विभाग में तैनात प्रधान के पिता ठाकुरदीन और मां चंद्रवती गरीबों का राशन डकार रहीं हैं। यह कार्ड सात यूनिट का बना है।
इसी तरह पात्र गृहस्थी के कार्ड संख्या 215840801251 प्रधान की पत्नी लालती देवी के नाम जारी है। प्रधान की पत्नी शिक्षामित्र हैं।
इस कार्ड में प्रधान आनंद कुमार और पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात भाई राजकुमार और शिक्षा विभाग में प्राथमिक विद्यालय रायपुर में शिक्षिका के पद पर तैनात भाभी शीला देवी राशन ले रही है। इस कार्ड में पांच यूनिट दर्ज हैं।
प्रधान के परिवार में बने दो राशन कार्डों में 12 यूनिटें शामिल हैं।
परिवार हर महीन निशुल्क 120 किलो राशन के साथ ही नमक, चना और रिफाइंड आ रहा है। शासन ने अपात्रों को राशन कार्ड सरेंडर करने के आदेश दिए हैं, लेकिन प्रधान का परिवार कई माह से सरकारी राशन डकार रहा है। प्रधान आनंद कुमार का कहना है कि परिवार में दो राशन कार्ड बने हैं। दोनों राशन कार्ड जल्द ही सरेंडर कराए जाएंगे।
1500 शिक्षक व सरकारी कर्मियों समेत जिले में 2701 राशन कार्ड सरेंडर
जिले में अपात्रों के राशन कार्ड सरेंडर करने का काम तेज हो गया है। गुरुवार तक 2701 कार्ड सरेंडर हो चुके हैं। लालगंज में सबसे अधिक 630 राशन कार्ड सरेंडर किए गए हैं। इसके अलावा सदर में 520, सलोन में 209, महराजगंज में 480, ऊंचाहार में 190, डलमऊ में 252 और नगर पालिका क्षेत्र में 420 अपात्र लोग अपना राशन कार्ड सरेंडर करा चुके हैं। सरेंडर होने वाले राशन कार्डों में सबसे अधिक शिक्षक शामिल हैं।
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सरकारी विभागों में काम करने वाले कई कर्मचारी भी शामिल हैं। रिटायर्ड होने के बाद पेंशनरों की संख्या भी काफी है। यह संख्या 1500 से अधिक है।
डीह ब्लॉक के पूरबनायन का मामला संज्ञान में अया है। मामले में आपूर्ति निरीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की जांच कराकर प्रधान ने राशन की रिकवरी कराई जाएगी। जिले में अब तक 2701 अपात्रों ने अपने कार्ड सरेंडर कर दिए हैं।
विमल शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी
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