महराजगंज (रायबरेली)। विंडीज ब्रांड की देसी शराब पीने से हुई 11 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने बुधवार को रसेहता के देसी शराब के दुकानदार को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
दुकान अरशद खान के नाम से थी, जबकि इस पिंडारी खुर्द का ग्राम प्रधान दुकान का संचालन कर रहा था। शराब कांड मामले में अब तक 10 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
वहीं शराब माफिया गैंग का सरगना पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए बाराबंकी, लखनऊ समेत अन्य पड़ोसी जनपदों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
महराजगंज के पहाड़पुर और मिल एरिया थाना क्षेत्र के रूपामऊ गांव में विंडीज ब्रांड की देसी शराब पीने से महिला समेत 11 लोगों की मौत हुई थी।
मामले में दुकानदार धीरेंद्र बहादुर सिंह, ठेका संचालक धीरेंद्र सिंह और सेल्समैन राम प्रताप यादव के अलावा बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के कस्बा पोखरा निवासी विनय जायसवाल, गौतोना निवासी अनिल जायसवाल, रायपुर निवासी अजीत सिंह उर्फ अन्नू वर्मा, शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बेड़ारू गांव निवासी संदीप जायसवाल, महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी अखंड प्रताप सिंह उर्फ राजन, पिंडारी खुर्द गांव निवासी ग्राम प्रधान कुंवर प्रवीण सिंह उर्फ केतन को पुलिस जेल भेज चुकी है। जबकि बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कस्बा निवासी शराब माफिया गैंग का सरगना नवीन जायसवाल पकड़ से दूर है।
बुधवार को महराजगंज पुलिस ने थुलवांसा गांव निवासी अरशद खान उर्फ शानू को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। रसहेता गांव में देसी शराब की दुकान अरशद के नाम से थी, जबकि दुकान का संचालन ग्राम प्रधान कर रहा था।
बताया जा रहा है कि शराब माफिया गैंग के सरगना नवीन जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पुलिस के अलावा एसओजी भी लगाई गई है।
टीम ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बाराबंकी, लखनऊ समेत पड़ोसी जनपदों में दबिश दी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि सरगना की तलाश कराई जा रही है। जल्द वह भी पुलिस की गिरफ्त में आएगा।
परदे के पीछे और भी, जल्द होंगे बेनकाब
जिस तरह जिले में सरकारी देसी शराब के बदले नकली शराब की बिक्री किए जाने का खेल उजागर हुआ, उससे आबकारी विभाग के अफसर कठघरे में हैं। सवाल उठता है कि बड़े पैमाने पर नकली विंडीज ब्रांड की देसी शराब सरकारी ठेकों पर बिक रही थी, लेकिन इसकी भनक नहीं लग सकी।
शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बेड़ारू गांव में शराब फैक्टरी का संचालन हो रहा था। पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं हुई, जो पुलिस की चूक दर्शाती है।
शराब कांड मामले में अभी भी परदे के पीछे और भी लोग हैं, जो बेनकाब नहीं हुए हैं। एसपी के निर्देश पर पुलिस परदे के पीछे अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोगों को चिह्नित करने का काम कर रही है।
पुलिस का मानना है कि शराब माफिया गैंग के सरगना नवीन जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा कि इस कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं। एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि नवीन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गईं हैं। जल्द उसे भी पकड़ा जाएगा।