औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने टीम के साथ गुरुवार को एक के बाद एक सात मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे। छापे के दौरान नौ दवाओं और एक डेंटल पेस्ट का नमूना भरा। यही नहीं, जांच के दौरान मेडिकल स्टोरों पर खामियां मिलीं।
कहीं पर कैशमेमो का नियमित प्रयोग होते नहीं पाया गया तो कहीं पर दस्तावेजों का रखरखाव ठीक नहीं मिला। इसके अलावा कई अन्य कमियां मिलीं। दुकानदारों को सुधरने की चेतावनी दी गई। अचानक हुई छापेमारी से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप रहा।
सबसे पहले औषधि निरीक्षक ने टीम के साथ वर्मा मेडिकल स्टोर बछरावां पहुंचकर जांच की। यहां से टॉस मेडिकेटेड डेंटल पेस्ट और एसटेक्साइम टैबलेट-200 का नमूना भरा। हरिओम मेडिकल स्टोर कल्याणपुर बाबूगंज ऊंचाहार में छापे के दौरान मूल लाइसेंस फर्म पर प्रदर्शित नहीं पाया गया।
प्रोपराइटर रागिनी मिश्रा मौके पर नहीं मिली। अनिल मेडिकल स्टोर ऊंचाहार से थेमसोसीएल रैपिड एक्सन तूथ पेस्ट का नमूना लिया। शिवम मेडिकल स्टोर पूरे देवी मजरे कोरिहर लालगंज से ओमफ्लॉक्स टैबलेट-200, लीवोसरटीजाइन टैबलेट का नमूना भरा।
न्यू नरेंद्र मेडिकल स्टोर गांधी चौराहा लालगंज से लीवोडे टैबलेट-500, अरुन मेडिकल एजेंसीज पूरे पांडेय रोड सरेनी से ओपोक्स टैबलेट-200, ओफलॉक्स टैबलेट का नमूना भरा गया। औषधि निरीक्षक ने बताया कि जन औैषधि स्टोर गौतम चौराहा लालगंज रोड सरेनी बाजार में छापा मारा गया।
यहां से पायरीडोक्साइन टैबलेट-50, एलबेनडाइजोल टैबलेट-400 नमूना लिया गया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोरों पर खामियां मिलीं। न्यू नरेंद्र मेडिकल स्टोर गांधी चौराहा में मूल लाइसेंस फर्म पर प्रदर्शित नहीं पाया गया।
फर्म पर नियुक्त फार्मासिस्ट कल्याण सिंह वर्तमान में बरेली में कार्यरत होने पाया गया। इसी तरह अन्य कमियां पाई गई। दुकानदारों को सुधरने की चेतावनी दी गई है। ऐसा न करने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।