रायबरेली। होली पर मिलावटखोरी व घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की सहायक आयुक्त, लखनऊ शशी पांडेय व अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी की टीम ने शहर के बालाजी फूड्स फैक्ट्री में छापा मारा। इस दौरान मानकों के विपरीत मिली 7.80 क्विंटल रंगीन कचरी को सील कर दिया। इसके अलावा दो क्विंटल से अधिक सड़ी-गली कचरी को नष्ट कराया।
शहर के सुल्तानपुर रोड स्थित बालाजी फूड्स फैक्ट्री में सिंथेटिक कलर से रंगीन कचरी बनाए जाने की आशंका पर शुक्रवार को एफएसडीए ने छापा मारा। सहायक आयुक्त शशी पांडेय की टीम ने फैक्टरी में पहुंचकर रंगीन कचरी की जांच की।
प्रथम दृष्टया कचरी मानकों के विपरीत मिली। सिंथेटिक कलर की आशंका होने पर टीम ने 7.80 क्विंटल कचरी को सील कर दिया गया है। जबकि करीब दो क्विंटल सड़ी-गली कचरी को नाले में फेंक दिया गया। सील की गई कचरी की कीमत ढाई लाख रुपये बताई जा रही है।
कचरी के चार नमूने भरे
एफएसडीए के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार, अंजली श्रीवास्तव, अमरनाथ व रमाशंकर पीली, लाल, हरी व भूरे रंग की कचरी के नमूने बालाजी फूड्स में छापे के दौरान सील किए हैं। उन्होंने नमूनों को सील करने के बाद जांच के लिए विधि विश्लेषक प्रयोगशाला भेज दिया है। आशंका है कि ये नमूने भी जांच में असुरक्षित घोषित किए जा सकते हैं।
रंगीन कचरी में मिल चुके हैं सेहत के लिए खतरनाक तत्व
पिछले साल होली में सील किए रंगीन कचरी के नमूनों को जांच में असुरक्षित घोषित किया है। कचरी में सिंथेटिक कलर होने के कारण यह सेहत के लिए खतरनाक घोषित किए गए थे। पिछले साल के नमूने फेल पाए जाने के बाद एसीजेएम कोर्ट में पांच दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा करने की प्रक्रिया भी चल रही है। पिछले साल भी काफी मात्रा में कचरी को नष्ट कराया गया था।
एफएसडीए के सहायक आयुक्त के नेतृत्व में बालाजी फूड्स फैक्टरी में छापा मार करीब 7.80 क्विंटल रंगीन कचरी संदिग्ध व मानकों के विपरीत होने की सील की गई है। इसके चार नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
शशांक त्रिपाठी, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए