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UP News: 'दिशा' बैठक में भड़के राहुल गांधी, बोले- युवाओं को रोजगार मामले में बड़ा घालमेल... देखती रह गईं डीएम

Tue, 29 Apr 2025 05:37 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली

सार

'दिशा' बैठक में सांसद राहुल गांधी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि रैंडम जांच में युवाओं को रोजगार देने के मामले में बड़ा घालमेल मिला है। डीएम को जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी भ्रामक एवं अधूरी सूची न भेजा करें।
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'दिशा' बैठक में राहुल गांधी व अन्य - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यूपी के रायबरेली में मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक हुई। इसमें शामिल होने के लिए सांसद एवं सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे। बैठक के दौरान सांसद ने युवाओं को रोजगार दिलाने में घालमेल पकड़ लिया। दरअसल, डीएम हर्षिता माथुर के स्तर से सांसद को 1107 युवाओं को प्रशिक्षण दिलाकर सेवायोजित करने की सूची भेजी गई थी। लेकिन, इसमें शामिल कई लोगों ने प्रशिक्षण मिलने से ही इन्कार कर दिया। 

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बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि सूची में शामिल 25 युवाओं की रैंडम जांच कराई गई है। इसमें मात्र तीन युवाओं ने ही बताया कि रोजगार मिला है। 10 युवाओं को अब तक रोजगार नहीं मिला। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी भ्रामक सूची कतई न भेजी जाएं। 

डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए

विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की जांच कराई जाए। बैठक में उन्होंने सूची में शामिल 1107 युवाओं के सत्यता की जांच कराने को भी कहा। बोले कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। मामले में डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए।

इस दौरान मौजूद अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 182 परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट जल निगम ने उपलब्ध कराई। सूची में शामिल परियोजनाओं की रैंडम जांच कराई गई तो 90 प्रतिशत रिपोर्ट गलत मिली। ऐसा प्रतीत होता है कि भौतिक सत्यापन में औपचारिकताएं निभाई गई हैं। 

अमेठी सांसद ने कहा कि जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अधिकारियों की कमेटी बनाकर सत्यापन कराया जाए। ताकि, सच सामने आ सके। बैठक में लालगंज बाईपास का मामला भी उठा। बताया गया कि नवंबर 2024 में लालगंज बाईपास का काम पूरा होना था, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हो सका है। इस पर एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने जवाब दिया कि मई माह में बाईपास का काम पूरा हो जाएगा। 

एम्स में दो माह में शुरू हो जाएगा क्षयरोग का इलाज

दिशा के नामित सदस्य गौरव अवस्थी ने कहा कि जिला अस्पताल की तरह एम्स में भी टीबी के इलाज के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हैं। गंभीर मरीज एम्स इलाज के लिए आते हैं। एम्स में यह सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। इस पर एम्स के उप निदेशक ने स्पष्ट किया कि क्लीनिक और इलाज की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। दो माह में क्षयरोगियों का इलाज एम्स में शुरू करा दिया जाएगा। 

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नामित सदस्य ने गंगा एक्सप्रेसवे का भी मामला उठाते हुए कहा कि ऐहार गांव के करीब 40 किसानों की जमीन पर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। लेकिन, अब तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। भूमि अधिग्रहण भी नहीं किया गया। मामले के जांच के निर्देश दिए गए।

सीएमओ जांच कराएं, एम्स क्यों रेफर हुए मरीज

बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती व नामित सदस्य सुंदरलाल ने दिशा की बैठक में उठाया कि जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी से मरीजों को एम्स रेफर किया जाता है। एम्स में संसाधन कम होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मामला उठने के बाद सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा को निर्देश दिए गए कि अब तक कितने मरीजों को एम्स रेफर किया गया। यह भी पता लगाएं कि क्या मरीजों को रेफर करना जरूरी था। सीएमओ इसकी रिपोर्ट देंगे।

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