प्रदेश सरकार ने रायबरेली को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए शहर में पेयजल, पार्कों, हरित पट्टी, साफ सफाई, जलभराव की समस्या से निदान सहित अन्य कार्यों को पूरा कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए सीडीओ एके श्रीवास्तव पदेन नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। विकास कार्यों का अनुश्रवण करके हर हफ्ते शासन को प्रगति रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।
शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरों का कलेवर बदलने का प्रयास किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल रायबरेली और मेरठ को तेरहवें स्थान पर रखा गया था। हालांकि स्मार्ट सिटी लायक रायबरेली शहर न बनने के कारण इस बार जिले का चयन नहीं किया जा सका।
प्रदेश सरकार ने अब जिले को स्मार्ट सिटी के लायक बनाने का निर्णय लिया है।
सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने मिशन के तहत रायबरेली शहर में विभिन्न् कार्यों को शीर्ष स्तर पर कराने के आदेश दिए हैं।
शहर में हर वह विकास कार्य कराने के आदेश हैं, जिससे जिला स्मार्ट सिटी बनने की सूची में शामिल हो सके। सीडीओ को नोडल अधिकारी बनाकर उन्हें विकास कार्यों को शत प्रतिशत कराने के आदेश दिए हैं।
शहर में होने वाले कार्योें की हर सप्ताह शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिससे शहर को और बेहतर करने के निर्देश दिए जाएंगे। शहर को स्मार्ट सिटी के लायक बनाने की कवायद शुरू होने के बाद अब उम्मीदें फिर से जाग गई हैं।