किसान को क्या मालूम था कि जमीन जायदाद के लिए पत्नी और बेटे ही उसकी जान के दुश्मन बन जाऐंगे। जिस पत्नी के साथ अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लिया और जिन बेटों को पाल-पोस कर बड़ा किया। वह ही जमीन के लिए सम्बन्धों को ताक में रखकर जान के दुश्मन बन गए। ऐसा ही मामला सेमरी क्षेत्र के ग्राम कान्हामऊ गांव में सामने आया है। जमीन जायदाद के विवाद को लेकर एक किसान की पत्नी व बेटे ने पीट-पीटकर हत्या कर दी।
ग्राम कान्हा मऊ गांव निवासी आशाराम पाल पुत्र चन्द्रिका (52) का शव गांव के बाहर स्थित उनके ही बाग में बने घर में पड़ा मिला। ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक आशाराम पाल गांव में बने घर को गांव के ही बच्चा गुप्ता पुत्र देवीचरण गुप्ता के हाथ बेच दिया था जिसमें कब्जे को लेकर परिवार में आपसी कलह हुई। बेटों ने पिता से पूछा कि घर को बेच दिया। हम लोग कहां रहेंगे। इसी को लेकर मामला इतना बढ़ गया कि आशाराम के बेटे गौरव, रोहित और पत्नी शशी देवी ने पीट-पीटकर हत्या कर दी।
घटना की सूचना मिलते ही 112 पीआरवी मौके पर पहुंची तथा सेमरी चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह बुंदेला ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की पड़ताल की। बेहोश मिले आशाराम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खीरों अस्पताल में आपातकालीन में दिखाया गया। जहां डा. चिकित्सक राहुल घोष ने आशा राम पाल को मृतक घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटनास्थल में मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक रायबरेली व क्षेत्राधिकारी लालगंज सुजीत राय ने पहुंचकर मामले की जांच की। हत्या के आरोपी पत्नी व दोनों बेटे मौके से भाग गए हैं।