गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार को और बढ़ गया। इससे कटरी इलाके में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत है। चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर के सापेक्ष जलस्तर 97 मीटर पहुंच गया। चेतावनी बिंदु तक जलस्तर पहुंचने में करीब एक मीटर 36 सेमी. का फासला बचा है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ की ओर से गंगा नदी का जलस्तर सोमवार को 96.250 मीटर नापा गया था। वहीं मंगलवार को जलस्तर बढ़कर 97 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ का दावा है कि पर्वतीय क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है। लगातार जलस्तर में बढ़ोतरी भी हो रही है।
डलमऊ के पक्का घाट, कच्चा घाट, रानी शिवाला घाट, बड़ा मठ घाट समेत अन्य घाटों की सीढ़ियों तक गंगा नदी का पानी पहुंच गया है। तीर्थ पुरोहितों ने घाटों के पास रखे तखत उठा लिए हैं। कटरी इलाके के अंबहा, बबुरा, जमाल नगर, मोहद्दीनपुर, चक मलिक भीटी, पूरे डगरी, पूरे रेवती सिंह गांव के ग्रामीणों में दहशत है। किसान महादेव, सजन यादव, रामबहादुर, जयकरन, संतोष कुमार ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से जहरीले जीवजंतु खेतों तक पहुंच गए हैं। इससे फसलों की रखवाली करने में जहरीले जंतुओं के काटने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी रही तो फसलें डूब जाएंगी। पानी जल्द आबादी तक पहुंच जाएगा। एसडीएम डलमऊ प्रीति सिंह ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान पार करने के बात ही आबादी क्षेत्र तक पानी पहुंचता है। बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। लेखपाल गंगा नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। उधर, ऊंचाहार और सरेनी में भी गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से ग्रामीण हलाकान हैं।