करीब पांच साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को चार वर्ष तीन माह का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। खास बात ये है कि दोषी नाइजीरिया देश के रहने वाले हैं। यह फर्जी आईडी बनाकर लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर ठगी का काम करते थे।
22 दिसंबर 2021 को मिल एरिया पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने दिल्ली से नाइजीरिया के ओरोमा एतिशियानम निवासी ओकउ क्रिश्चियन, जुस्टिन व ननालू हायसिंथ चुक्वुनोनसो को गिरफ्तार किया था। इनके पास से पांच लैपटॉप, 10 मोबाइल, तीन इंटरनेट मॉडम, एक राउटर, एक पासपोर्ट, दो सिमकार्ड व, सोने के आभूषण आदि बरामद किए गए थे।
पुलिस की पूछताछ में तीनों ने बताया था कि वह दो साल पहले भारत आए थे। दिल्ली के पश्चिम विहार में जतेंद्र के घर में ऑफिस बनाकर ठगी शुरू की। फेसबुक आदि सोशल साइटों पर फर्जी आईडी बनाकर और लड़कियों व युवकों की फोटो लगाकर चैटिंग करके उन्हें जाल में फंसाते थे। महंगे उपहार भेजने के नाम पर रुपये वसूलते थे। जांच में मिल एरिया थाना क्षेत्र की एक युवती से 32 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ था। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की थी। दोष सिद्व होने पर न्यायालय एडीजे पंचम गैंगेस्टर कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई।
ऐसे करते थे काम: पुलिस की पकड़ में आने के दौरान जांच में पता चला था कि नाइजीरिया के तीनों युवक बेहद शातिर किस्म के हैं। युवक और युवतियों को साइबर क्राइम के माध्यम से अपने चंगुल में फंसाते थे। जो लड़कियां प्रेमजाल में फंस जाती थी, उनसे रुपये वसूले थे। अच्छा तोहफा घर भेजने के नाम पर रुपये अपने खाते में जमा कराएं और काम होने के बाद सोशल मीडिया की आईडी बंद करके दूसरी आईडी बनाकर नए लोगों को फंसाने का काम शुरू कर दिया था। लगातार दो साल तक ठगी का काम किया। कभी भी कहीं पकड़ में नहीं आए, लेकिन जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र की युवती के साथ 32 लाख की ठगी करने के बाद पकड़ में आ गए और जेल भेजे गए। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई और कोर्ट के फैसले में तीनों दोषी पाए गए तो उन्हें सजा सुनाई गई।