रायबरेली। तीन गुना अधिक मुनाफा कमाने वाला रायबरेली डिपो परिसर इन दिनों यात्रियों को सुविधाएं देने में नाकाम है। मरम्मत के अभाव में वाटर कूलर खराब पड़ा है। सीसीटीवी कैमरे भी एक माह से काम नहीं कर रहे हैं। यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हैं।
गर्मी अधिक हो गई है, लेकिन बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों को पसीना-पसीना होना पड़ रहा है। अब तक एक भी कूलर नहीं लगवाया गया है। ऐसे में यात्रियों के हिस्से में सिर्फ परेशानी आ रही है। चर्चा है कि यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों से बजट की डिमांड की गई है, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला है। बसों के संचालन और कमाई में भले ही काम बेहतर हो गया है, लेकिन यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए बजट देने में निगम कंजूसी कर रहा है।
डिपो का कैश काउंटर ही सुरक्षित नहीं
यह रायबरेली डिपो का कैश काउंटर है। काउंटर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन यह कैमरा काम नहीं कर रहा है। डिपो के पूरे परिसर में कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन वह काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी घटना के होने पर साक्ष्य मिलने की उम्मीद नहीं है। बजट के अभाव में सुरक्षा के लिए कैमरों को ठीक नहीं कराया जा रहा है।
बूंद-बूंद पानी की दरकार, वाटर कूलर खराब
वैसे तो डिपो परिसर में यात्रियों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए तीन वाटर कूलर लगवाए गए हैं, लेकिन मंदिर के पास लगा वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़ा है। गर्मी में पानी की डिमांड बढ़ने के बाद भी डिपो प्रशासन वाटर कूलर को ठीक नहीं करा रहा है। ऐसे में यात्रियों को शुद्ध पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कोई भी यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।
वेटिंग एरिया में अव्यवस्था
रायबरेली डिपो परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए वेटिंग एरिया बनाया गया है। पूछताछ कक्ष में ही यात्रियों के बैठने के लिए बंदोबस्त हैं, लेकिन सीमेंट की बेंच टूट चुकी हैं। गर्मी बढ़ने के बाद भी अब तक कूलर तक नहीं रखवाए गए हैं। पुराने लगे पंखों को ठीक करा दिया गया है। यहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई यात्री पसीना पोछते नजर आए।
शासन को पत्र भेजा गया है। बजट मिलते ही जल्द ही सुविधाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। पंखे ठीक करा दिए गए हैं। कूलरों की व्यवस्था कराई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराया जाएगा।
- दिनेशचंद्र श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक