उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के रायबरेली डिपो में परिचालकों की कमी के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो गया है। हालात ये हैं कि लखनऊ, कानपुर समेत अन्य रूटों पर बसों के ट्रिप कम कर दिए गए हैं।
गाड़ियों की संख्या अधिक होने पर अब स्टाफ का टोटा मुसीबत बना है। यह हाल तब है, जब उच्चाधिकारियों को लिखापढ़ी करने के बाद भी स्टाफ बढ़ाए जाने की पहल नहीं की जा रही है।
रायबरेली डिपो 135 बसों का बेड़ा हो गया है। डिपो की 74 और 61 अनुबंधित बसें हैं। इधर, बसों की संख्या बढ़ तो गई है, लेकिन स्टाफ की बढ़ोतरी को लेकर ध्यान नहीं जा रहा है।
खासकर परिचालकों की कमी है। स्टेशन अधीक्षक अशोक त्रिपाठी के मुताबिक 10 बसों की तादाद और बढ़ने के कारण 50 परिचालकों की जरूरत है। अधिकारियों को परिचालकों की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया है।
लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। परिचालकों की कमी के कारण लखनऊ, कानपुर, फतेहपुर, बाराबंकी के अलावा भोजपुर, लालगंज और तिलोई के लिए बसों की ट्रिपें कम कर दी गई हैं।
जिन रूटों पर आठ चक्कर लगाए जा रहे थे, उन रूटों पर अब चार चक्कर लगाए जा रहे हैं। साथ ही हर दिन पांच से आठ बसें डिपो में ही खड़ी रहती हैं। इससे यात्रियों को गतंव्य स्थान पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री दिनेश कुमार. मो. असगर, सत्येंद्र यादव, बिरजू प्रसाद का कहना है कि बसों का संचालन ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है। इस बाबत अधिकारियों से पूछने पर परिचालकों की कमी बताई जाती है।
अधिकारियों की ओर से जल्द स्टाफ की कमी को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि गतंव्य स्थान जाने में परेशानी न झेलनी पड़े।
एआरएम आरपी सिंह ने कहना है कि बसों की संख्या पहले से बढ़ गई है। परिचालकों की कमी के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से बसों की ट्रिपें कम कर दी गई हैं।
तैनात परिचालकों से अधिक काम लिया जा रहा है। उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर 50 परिचालकों की तैनाती की डिमांड कर दी गई है। उम्मीद है कि जल्द समस्या दूर हो जाएगी।