रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से वसूली के मामले में अब शासन स्तर से सख्ती शुरू हो गई है। रायबरेली आरटीओ की यात्री मालकर अधिकारी (पीटीओ) रेहाना बानो और प्रवर्तन चालक मो. नौशाद को निलंबित कर दिया गया है। मामले में जांच उप परिवहन आयुक्त (नगर परिवहन) को सौंपी गई है, जो एक माह में रिपोर्ट देंगे। इसके बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि एसटीएफ ने 11 नवंबर को ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंबारा पश्चिम निवासी मोहित सिंह, अयोध्या निवासी ट्रक चालक सुनील यादव, एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजलि, उनके चालक सिकंदर, यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश चतुर्वेदी, चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज, प्रवर्तन चालक मो. नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना बानो, चालक सुशील और मिथुन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की जांच सीओ लालगंज कर रहे हैं।
इस दौरान मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को एसटीएफ पकड़कर अपने साथ ले गई थी। बाद में दोनों को जेल भेज दिया गया था। इन दोनों से पूछताछ में यात्रीकर मालकर अधिकारी रेहाना बानो और प्रवर्तन चालक मो. नौशाद के बारे में अहम जानकारी मिली थी। पता लगा था कि अधिकारियों संग दलालों का सिंडीकेट सक्रिय था। इनका नेटवर्क बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, रायबरेली, उन्नाव तक फैला था।
वहीं 18 नवंबर को रायबरेली के डीह थाने की पुलिस ने इसी मामले में एआरटीओ प्रवर्तन व पीटीओ रायबरेली के चालक समेत 23 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसमें रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ जिलोें के चार पांच अज्ञात कर्मचारी और 18 लोग नामजद किए गए थे। पुलिस ने अवैध वसूली में शामिल महेंद्र प्रताप सिंह और जितेंद्र सरोज को पकड़ा था। इसके बाद सलोन कोतवाली में तैैनात रहे होमगार्ड विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ वीपी को पकड़ा गया था। जिसने पुलिस के सामने अधिकारियों और कर्मचारियों का राज खोला था।
सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 17 दिन बाद रायबरेली पीटीओ रेहाना बानो और प्रवर्तन चालक मो. नौशाद के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। इससे साफ हैै कि अन्य फरार चल रहे अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने रेहाना बानो को निलंबित कर उनको मुख्यालय परिवहन आयुक्त से संबद्ध करते हुए उप परिवहन आयुक्त (नगर) विजय कुमार सिंह को जांच अधिकारी बनाया है। इसी तरह अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह ने मो. नौशाद को निलंबित करते हुए मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। मो. नौशाद के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए उप परिवहन आयुक्त (नगर परिवहन) वीके सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है।