रायबरेली। प्रबंधन की मनमानी के विरोध में पिछले कई दिनों से चल रही सभा शनिवार को विरोध-प्रदर्शन में बदल गई। अभियंताओं ने न सिर्फ विभाग का कामकाज ठप कर दिया, बल्कि गोराबाजार स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने कोविड 19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए सभा करके विरोध-प्रदर्शन किया। सभी ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी तक तक प्रांतीय आह्वान पर विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के जिला सचिव सौरभ प्रजापति, मंडल सचिव सौरभ जायसवाल ने विद्युत कर्मियों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित कर प्राथमिकता पर वैक्सीन लगवाने, बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने समेत अन्य संवेदनशील मांगे पूरी करने की मांग की।
कहा, पावर कॉर्पोरेशन चेयरमैन एम देवराज विद्युत कर्मियों की मांगों एवं समस्याओं पर ध्यान न देकर संघ के पदाधिकारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीरेंद्र, शशांक व एसपी सिंह ने कहा कि चेयरमैन की बढ़ती उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से सभी अभियंताओं में नाराजगी है। कार्य बहिष्कार के दौरान अभियंता अस्पतालों व आक्सीजन प्लांटों व आम जनता की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित रखेंगे।
सभी ने कोरोना महामारी में दिवंगत अभियंताओं के आश्रितों को 50 लाख की अनुग्रह राशि दिए जाने की मांग की। इसके अलावा उनके आश्रितों को योग्यता के अनुसार नियुक्तियां दी जाए। विद्युत अभियंताओं ने मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप करके मांगों को पूरा कराए जाने की मांग की।