महराजगंज (रायबरेली)। सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) कोऑपरेटिव के आवास पर ग्राम पंचायत अधिकारी विक्रम जैन की पिटाई का मामला तूल पकड़ रहा है।
भाजपा जिला महामंत्री शरद सिंह के खिलाफ अब तक कार्रवाई न होने से नाराज महराजगंज विकास खंड के कर्मचारी शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। ब्लॉक परिसर में घूम-घूम कर भाजपा नेता और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन किया।
यही नहीं आरोप लगाया कि सत्तापक्ष के दबाव में भाजपा नेता के खिलाफ पुलिस ने मामूली धाराओं में केस दर्ज किया, जबकि वीपीओ पर जानलेवा हमला किया गया। इस लिए धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि कथित मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने को लेकर बृहस्पतिवार को भाजपा नेता शरद सिंह और उनके साथियों ने एडीओ के आवास में घुसकर ग्राम पंचायत अधिकारी की न सिर्फ पीटा बल्कि नुकीले औजार से जानलेवा हमला किया था।
वीपीओ की तहरीर पर भाजपा नेता समेत छह अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस हमले के खिलाफ शुक्रवार को कर्मचारी लामबंद हो गए। आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस ने एक तो पूरे मामले की प्राथमिकी मामूली धाराओं में दर्ज की, वहीं आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
यही नहीं वीपीओ विक्रम जैन पर भी दलित उत्पीड़न के तहत फर्जी तहरीर दी गई है। कर्मचारियों ने ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को संबोधित मांग पत्र खंड विकास कार्यालय में दिया।
सभी ने डीएम से भाजपा नेता और साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की मांग की है। इस दौरान निर्मला देवी, रामसमुझ, देवपाल, राकेश हेला, शीतला प्रसाद, भावेश कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार, दुर्गेश कुमार, राम अवध, अनिल कुमार, अखिलेश राम व सिद्धार्थ समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
सुलह कराने का प्रयास, नहीं बनी बात तो दर्ज किया केस
भाजपा नेता की पिटाई की जानकारी होते ही क्षेत्रीय विधायक रामनरेश रावत समेत अन्य भाजपाई पहुंच गए। मामले में सुलह का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद वीपीओ की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
यही नहीं दूसरी ओर से धर्मपाल सिंह और दलित रामकिशोर की ओर से वीपीओ के खिलाफ गाली गलौज करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है।
हालांकि पुलिस पर केस दर्ज करने के लिए बराबर दबाव बनाया जा रहा है। उधर कोतवाल रेखा सिंह का कहना है कि वीपीओ की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की जा रही है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।