फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांगों को लेकर तहसील में जुटे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रदर्शन कर मांगा अपना हक

विज्ञापन
लालगंज तहसील परिसर में नारेबाजी करती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। - फोटो : RAIBARAILY
विज्ञापन
लालगंज (रायबरेली)। तहसील परिसर में शुक्रवार को अलग-अलग ब्लॉकों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। शुक्रवार को पांचवें दिन बड़ी संख्या में खीरों, सरेनी और लालगंज की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका तहसील परिसर पहुंचे और धरना दिया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी भी की।
विज्ञापन

ब्लॉक अध्यक्ष किरन यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका सरकार की ओर से संचालित अलग-अलग अभियानों में काम करती हैं। उन्हें अपेक्षित मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 15 हजार व आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 10 हजार रुपये दिए जाने की मांग की।
कहा कि उनका मानदेय बढ़ाया जाये। बीएलओ ड्यूटी, दस्तक अभियान, टीवी, फाइलेरिया सहित शिक्षा, चिकित्सा, बाल विकास विभाग में सरकार द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों में योगदान देती हैं। इसके बावजूद भी उन्हें बेहद कम मानदेय में गुजर-बसर करना पड़ रहा है। कहा कि मांगें माने जाने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलनरत रहेंगी। इस दौरान पुष्पा, विमलेश श्रीवास्तव, नीलिमा मिश्रा, किरन यादव आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
महराजगंज (रायबरेली)। तहसील परिसर में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर आवाज बुलंद की। सभी ने लंबित मांगों को पूरा किए जाने की मांग की। मांगों से संबंधित 15 सूत्री ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा। कहा कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। सभी ने 15 हजार रुपये मानदेय के अलावा अन्य समस्या को दूर किए जाने की मांग की।
संघ की जिलाध्यक्ष अनीता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रेखा, सरोज यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को रिटायरमेंट पर तीन लाख रुपये दिए जाए। भारत सरकार के आदेशानुसार हर पांच वर्ष पर इंक्रीमेंट लगाने का प्रावधान है, जिसे समय-समय पर लगवाया जाए। ड्राई राशन गेहूं, दाल, घी, दूध वितरण की जिम्मेदारी किसी एक को दी जाए, जिसमें उसकी जवाबदेही तय हो। आंगनबाड़ी पर परियोजना केंद्र का किराया कई वर्षों का बकाया है, जिसे तत्काल भुगतान कराया जाय। उत्तर प्रदेश सरकार अपने घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 15 हजार व सहायिका को 10 हजार देने का वादा किया था, जिसे दिलाया जाए।
पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी की समस्याओं का मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। फिर भी उत्तर प्रदेश शासन ने नई भर्तियों का शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिसे तत्काल वापस लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें