दीवानी कचहरी में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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रायबरेली। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर जिले के अधिवक्ता शनिवार को कार्य से विरत रहे। वकीलों ने दीवानी कचहरी परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और जोर देकर कहा कि अधिवक्ताओं का उत्पीड़न किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते अदालती कामकाज प्रभावित हुआ। वादकारियों को सिर्फ तारीख से संतोष करना पड़ा।
सुबह दीवानी कचहरी में सेंट्रल बार एसोसिएशन की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बार के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि विभिन्न जिलों में वकीलों की हत्या, आत्महत्या के मामले में पीड़ित अधिवक्ता परिवार को मुआवजा, सरकारी नौकरी आदि मांगों को लेकर बार काउंसिल के आह्वान पर अधिवक्ता कार्य से विरत रहे।
उन्होंने कहा कि वकीलों के साथ आए दिन घटनाएं हो रही हैं। उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इसको गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। वकीलों का उत्पीड़न किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
महामंत्री शशिकांत शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ घटित मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट तत्काल लागू किया जाए। वकीलों के साथ किसी तरह की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर आदित्य गुप्ता, बृजेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद चौधरी, इसरार खान, सुनील सिंह, हरिश्चंद्र शर्मा, धीरेंद्र पाल सिंह, महेंद्र सिंह मौजूद रहे। उधर, कलेक्ट्रेट में भी अधिवक्ताओं ने अदालती कामकाज ठप रखा। रायबरेली कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार श्रीवास्तव महामंत्री धर्मेंद्र कुमार शुक्ल, पदम प्रसाद श्रीवास्तव ने बार पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं के साथ डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सभी ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने समेत अन्य मांगों को पूरा करने की वकालत की।