रोहनिया ब्लॉक क्षेत्र के उमरन गांव में धान की फसल जलमग्न होने पर प्रदर्शन करते किसान।
रोहनिया। एनटीपीसी परियोजना के ऐशपांड में हो रहे जलरिसाव और बारिश के कारण करीब एक हजार बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। इससे नाराज किसानों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। अफसरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
रोहनिया ब्लाॅक की ग्राम पंचायत उमरन और रायपुर के मध्य एनटीपीसी परियोजना द्वारा राख निस्तारण के लिए ऐशपांड बना हुआ है। इसमें काफी दिनों से जल का रिसाव हो रहा है। इससे उमरन, रायपुर, पूरे बल्दू, गौसपुर, झालाबाग ,पावरगंज, सुमेरबाग ,गंगहेरा गुलालगंज, मुरारमऊ आदि गांवों के किसानों की धान की फसल जलमग्न हो गई है।
बारिश से अब फसल डूबने लगी है। उमरन प्रधान प्रतिनिधि रंजीत प्रताप सिंह और मुरारमऊ प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीणों के साथ मंगलवार को उमरन चौराहा के पास जमकर प्रदर्शन किया। सभी ने बताया कि एसडीएम से लेकर अन्य अफसरों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। बावजूद समस्या जस की तस है।
जल्द समस्या नहीं सुधरी तो धान की फसल डूबकर नष्ट हो जाएगी। ऊंचाहार एसडीएम विवेक राजपूत ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। एनटीपीसी परियोजना द्वारा जलरिसाव की समस्या दूर कर किसानों को जल्द राहत दिलाई जाएगी।