रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा की प्रमुख सचिव व जिले की नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला शुक्रवार शाम बछरावां पहुंचीं। पस्तौर गांव में निर्माणाधीन सड़क को कई स्थानों पर खोदवाकर निर्माण सामग्री के नमूने सील करवाए और जांच के लिए भेजवाए।
गांव की महिलाओं से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। प्राथमिक स्कूल में पहुंचकर बच्चों में बांटे गए स्वेटरों की गुणवत्ता की जांच की। बाद में ब्लॉक सभागार में विकास एवं अपराध की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को खराब प्रगति पर फटकार लगाई।
प्रमुख सचिव ने मोटर ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण की गुणवत्ता की भी जांच करने के लिए पहुंचीं। प्रमुख सचिव व जिले की नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला शुक्रवार अपराह्न 3.30 बजे ब्लॉक कार्यालय पहुंचीं।
जिले के अधिकारियों के साथ कुछ देकर विकास कार्यों की समीक्षा करने के बाद भैरमपुर गांव का निरीक्षण करने के लिए निकलीं, लेकिन अचानक वे पस्तौर गांव पहुंच गईं।
गांव पहुंचते ही उन्होंने पीडब्ल्यूडी की ओर से बनवाई जा रही पस्तौर से टेरा बरौला सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क पर दो जगह गड्ढे खुदवा कर सड़क की मोटाई की नाप करवाने के साथ ही निर्माण सामग्री के सैंपल भी भरवाकर जांच के लिए भेजवाया।
प्राथमिक विद्यालय पस्तौर में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को सुना। ग्रामीणों से ग्राम विकास अधिकारी के बारे में भी पूछताछ की। विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था का हाल जाना।
विद्यालय की रसोइया से विद्यालय में मिलने वाले मध्याह्न भोजन, दूध, फल आदि के बारे में पूछताछ की। उन्होंने नौनिहालों में बांटे गए स्वेटरों को मंगवाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की।
नोडल अधिकारी हरचंदपुर ब्लॉक स्थित मोटर ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण करके निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद वे शाम करीब 6.15 बजे ब्लॉक सभागार पहुंची और अधिकारियों के साथ विकास कार्योें की समीक्षा की।
उन्होंने खराब प्रगति पर अधिकारियों को फटकार लगाई। इस मौके पर डीएम शुभ्रा सक्सेना, सीडीओ राकेश कुमार, डीडीओ एके वैश्य, पीडी प्रेमचंद्र पटेल, डीपीआरओ उपेंद्रराज सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।